वीरेंद्र कुमार/नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के छबीलापुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि, अपने परिवार के साथ सो रहे आठ महीने के एक मासूम बच्चे का रहस्यमय परिस्थितियों में अपहरण कर लिया गया। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण सकते में हैं।
मध्यरात्रि गायब हुआ मासूम
अपहृत बच्चे की पहचान महेश मांझी के पुत्र जनसुराज के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, जनसुराज अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ घर के बरामदे में सो रहा था। रात लगभग 12 बजे तक बच्चा बिल्कुल सुरक्षित था और अपनी मां के पास सो रहा था। लेकिन जब करीब एक बजे परिजनों की नींद खुली, तो बच्चा वहां नहीं था। अचानक हुई इस घटना से परिवार के होश उड़ गए।
ग्रामीणों में हड़कंप, पुलिस सक्रिय
बच्चे के अचानक गायब होने की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बदहवास परिजन और ग्रामीण पूरी रात टॉर्च लेकर आसपास के खेतों, झाड़ियों और गांव के हर कोने में बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन सुबह तक कोई सुराग नहीं मिल सका। महेश मांझी ने घटना में किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए गांव के ही कुछ संदिग्धों पर संदेह व्यक्त किया है।
सूचना पाकर छबीलापुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों के बयान पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वाड और एफएसएल (FSL) की टीम को जांच के लिए बुलाया है। पुलिस आस-पास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
सकुशल बरामदगी के लिए प्रयास तेज
पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया यह मामला आपसी रंजिश या किसी सोची-समझी साजिश का लग रहा है। फिलहाल, पुलिस की पहली प्राथमिकता जनसुराज को सकुशल बरामद करना है। वहीं, घटना के बाद से ही महेश मांझी के घर पर लोगों का तांता लगा है और हर कोई ईश्वर से बच्चे की सलामती की दुआ मांग रहा है। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

