वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के हरनौत थाना क्षेत्र में एक लैब कर्मी की जघन्य हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। अपराधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत लैब कर्मी को घर से बाहर बुलाकर चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने आम लोगों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
फोन कॉल बना मौत का फंदा
मृतक की पहचान 37 वर्षीय सोनू कुमार के रूप में हुई है जो चेरण गांव का निवासी था और हरनौत बाजार स्थित एक पैथोलॉजी लैब में कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, गुरुवार की रात उसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर सुनियोजित तरीके से घर से बाहर बुलाया था। शिवाजी मोहल्ले के समीप पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने सोनू को घेर लिया और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से जख्मी सोनू को इलाज के लिए आनन-फानन में पटना पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का छलका दर्द, NH-20 पर किया प्रदर्शन
सोनू की मौत की खबर मिलते ही उसका परिवार पूरी तरह बिखर गया। मृतक अपने परिवार का एकमात्र सहारा और इकलौता कमाने वाला सदस्य था। शनिवार सुबह आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सोनू का शव हरनौत के मुढारी गांव के पास NH-20 पर रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलता तब तक वे शव को नहीं हटाएंगे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। हरनौत थानाध्यक्ष ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और अंतिम कॉल की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके साथ ही शिवाजी मोहल्ले के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों की पहचान हो सके। स्थानीय लोगों में इस जघन्य वारदात को लेकर भारी गुस्सा है और वे जिला प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोरतम सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

