वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र के पार्थु गांव में बुधवार को एक 20 वर्षीय नवविवाहिता काजल कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गला घोंटकर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के लिए चुपचाप शव जलाने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मानकर हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच
सहायक थानाध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि बुधवार दोपहर करीब एक बजे गुप्त सूचना मिली थी कि पार्थु गांव के श्मशान घाट पर एक नवविवाहिता का शव बिना किसी सूचना के जलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया, हालांकि तब तक शव काफी हद तक जल चुका था।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जलती हुई चिता को बुझाया और बची हुई राख व अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने वैज्ञानिक तरीके से सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। इन नमूनों को आगे की जांच के लिए क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला, राजगीर भेज दिया गया है।
शादी के पांच महीने बाद ही उठा विवाद, प्रताड़ना का आरोप
मृतका की पहचान पार्थु गांव निवासी नीतीश बिंद की 20 वर्षीय पत्नी काजल कुमारी के रूप में हुई है। मृतका के पिता मनोज बिंद, जो हरनौत थाना क्षेत्र के नियामतपुर के रहने वाले हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी महज पांच महीने पहले ही धूमधाम से की थी।
पिता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उनकी बेटी को ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा और उसके साथ मारपीट की जाती थी। आरोप है कि ससुराल के लोगों ने पहले उसकी गला दबाकर हत्या की और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को रसोईघर में फंदे से लटका दिया। इसके बाद, मायके वालों को बिना सूचना दिए सबूत मिटाने की नीयत से शव को श्मशान घाट ले जाकर जलाया जा रहा था। पिता के अनुसार, उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर घटना की जानकारी दी जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।

चेन्नई में हैं पति और ससुर, घर पर थीं सास और देवर
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि घटना के समय घर पर केवल मृतका की सास और उसका 10 वर्षीय छोटा देवर ही मौजूद थे। मृतका का पति नीतीश और उसके ससुर दोनों चेन्नई में रहकर मजदूरी का काम करते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मायके पक्ष की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर बारीकी से अनुसंधान कर रही है। मौत के असल कारणों का पूरी तरह से खुलासा राजगीर लैब से आने वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट और विस्तृत पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।


