नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल किया है। हालिया प्रशासनिक आदेश के तहत जिले के सात महत्वपूर्ण थानों और अंचलों में तैनात पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। माना जा रहा है कि चुनावी साल और बढ़ती चुनौतियों के बीच यह फेरबदल पुलिसिंग को और अधिक सक्रिय बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है।

​नई नियुक्तियों और बदलावों का विवरण

​प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, कई बड़े थानों के प्रभारियों को बदला गया है। हिलसा के थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार को अब राजगीर जैसे संवेदनशील और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण थाने की कमान सौंपी गई है। वहीं, हिलसा अंचल के पुलिस निरीक्षक चंद्रभानु को हिलसा थाना का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, ताकि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से वाकिफ होने के कारण वे कानून-व्यवस्था पर बेहतर पकड़ बना सकें।
​बिहारशरीफ में प्रभारी स्पीडी ट्रायल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे अमरदीप कुमार को अब हिलसा अंचल का पुलिस निरीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा, साइबर थाना में तैनात जितेंद्र राम को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उन्हें बिहारशरीफ का नया प्रभारी स्पीडी ट्रायल नियुक्त किया गया है।

​थाना स्तर पर भी बड़े बदलाव

​थाना प्रभारियों के फेरबदल में परवलपुर और लहेरी थाने भी शामिल हैं। परवलपुर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष संजीव कुमार को अब लहेरी थाना में नई तैनाती दी गई है, जो जिले के मुख्य शहरी थानों में से एक है। चेरो थाना के थानाध्यक्ष रौशन कुमार को परवलपुर की कमान दी गई है। वहीं, लहेरी थाना में तैनात रहे सर्वेश कुमार को अब चेरो थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।

​प्रशासनिक सक्रियता का नया दौर

​पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि यह तबादले पूरी तरह से प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को बदलने से कार्यप्रणाली में नयापन आता है और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने में मदद मिलती है। नालंदा पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई टीम के साथ जिले में अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय की दिशा में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। जिला पुलिस कप्तान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी नव पदस्थापित स्थानों पर तुरंत योगदान सुनिश्चित करें और अपनी प्राथमिकताओं को तय करें ताकि आम जनता का पुलिस पर भरोसा और अधिक बढ़ सके।