वीरेंद्र कुमार/रहुई/नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के रहुई थाना अंतर्गत रामपुर गांव में शनिवार को जमीनी विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्षों के बीच रास्ते को लेकर हुई तकरार के बाद गोलियों की गूंज से पूरा इलाका थर्रा उठा। ताबड़तोड़ फायरिंग से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
विवाद की जड़: वर्षों से चला आ रहा रास्ता विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुर गांव निवासी जीतन यादव और उमेश यादव के बीच जमीन के रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। स्थानीय निवासियों गायत्री देवी और वीरेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच यह पुरानी रंजिश थी, जो अक्सर छोटी-मोटी कहासुनी में बदलती रहती थी। हालांकि शनिवार को यह विवाद चरम पर पहुंच गया। बहस के दौरान मामला इतना बिगड़ा कि देखते ही देखते दोनों पक्ष हिंसक झड़प पर उतर आए।


ताबड़तोड़ फायरिंग से फैली दहशत
आरोप है कि विवाद के दौरान उमेश यादव ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक करीब पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। फायरिंग की आवाज से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। गनीमत रही कि इस खूनी टकराव में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही रहुई थानाध्यक्ष ललित विजय दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से तीन खाली खोखे बरामद किए जो फायरिंग की पुष्टि करते हैं। जीतन यादव द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर काजीचक रामपुर मोड़ के पास स्थित एक खेत में छिपे तीन आरोपियों उमेश यादव, कमलेश यादव और नरेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि अन्य तीन फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और मामले की गहन जांच जारी है।

