वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र अंतर्गत माफी गांव में एक 28 वर्षीय विवाहिता सुगनी देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि पुलिस प्राथमिक जांच में इसे आत्महत्या (फांसी) मानकर चल रही है।

​पति पर हत्या का आरोप और बैंक खाते का विवाद

​मृतका के भाई मुकेश कुमार ने अपने बहनोई सीताराम रविदास, सास और ससुर पर गला दबाकर हत्या करने का सीधा आरोप लगाया है। भाई के मुताबिक, घटना के वक्त वह देवघर गए हुए थे। उनकी पत्नी ने फोन पर सूचना दी थी कि सीताराम रात में घर आया था और सुबह चला गया।
​मुकेश का यह भी दावा है कि पति सुगनी या बच्चों के नाम से संचालित बैंक खाते की पासबुक लेने आया था और खाते में जमा रकम लेकर फरार हो गया। जब मुकेश देवघर से लौटे, तब गांव के चौकीदार ने उन्हें घटना की जानकारी दी और व्हाट्सऐप पर फोटो दिखाकर शव की शिनाख्त कराई।

​पुलिस की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

​सूचना मिलते ही अस्थावां थानाध्यक्ष सत्यम कुमार चंद्रवंशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
​थानाध्यक्ष ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ में पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद की बात सामने आई है। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि विवाद से नाराज होकर महिला ने फांसी लगाई होगी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी।

​दो मासूम बच्चों के सिर से उठा साया

​इस दर्दनाक घटना के बाद सुगनी देवी अपने पीछे छह साल का बेटा शिवचन और मात्र छह महीने की एक मासूम बच्ची को छोड़ गई हैं। मां की अचानक मौत और पिता पर लगे गंभीर आरोपों के बाद इन दोनों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस की विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।