हेमंत शर्मा, भोपाल/इंदौर। महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर लगातार चर्चा होती है, लेकिन अब पुरुषों से जुड़ी घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं। मध्यप्रदेश में पति की हत्या के मामले तेजी से सामने आने का दावा किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2026 के पहले छह महीनों में प्रदेश में पति की हत्या के 36 मामले सामने आए हैं, जिसके चलते मध्यप्रदेश इस मामले में देश में दूसरे स्थान पर बताया जा रहा है।

पति की हत्या के 36 मामले, आत्महत्या के भी 232 केस

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में देशभर में पति की हत्या के 322 और आत्महत्या के 232 मामले सामने आए। इनमें मध्यप्रदेश में पति की हत्या के 36 मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में बड़ी संख्या वैवाहिक विवाद से जुड़ी बताई गई है। कई मामलों में पति-पत्नी के बीच विवाद, विवाहेतर संबंध और घरेलू तनाव जैसे कारण सामने आने की बात कही गई है।

“पत्नी से बचाओ”… हेल्पलाइन पर लगातार बढ़ रही मदद की गुहार

पुरुष अधिकारों से जुड़ी हेल्पलाइन पर भी शिकायतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में देशभर से करीब 58,289 कॉल पहुंचीं, जबकि 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही यह संख्या बढ़कर 87,969 तक पहुंच गई। मध्यप्रदेश की बात करें तो वर्ष 2025 में हेल्पलाइन पर करीब 8,108 कॉल आई थीं। वहीं 2026 में जून तक ही 12,577 कॉल पहुंच चुकी हैं। यानी पुरुषों से जुड़ी घरेलू समस्याओं को लेकर मदद मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

सिर्फ आरोप नहीं, शिकायतों के पीछे की सच्चाई भी जांच का विषय

पुरुष अधिकार संगठनों का कहना है कि बड़ी संख्या में पुरुष वैवाहिक विवाद, पत्नी या ससुराल पक्ष से विवाद और कानूनी कार्रवाई के डर से मानसिक तनाव में रहते हैं। कई मामलों में वे सहायता और कानूनी सलाह के लिए हेल्पलाइन का सहारा लेते हैं। हालांकि हर शिकायत को सच मान लेना भी उचित नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि पति या पत्नी किसी भी पक्ष के खिलाफ हिंसा, प्रताड़ना या झूठी शिकायत के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और पीड़ित को कानून के तहत सहायता मिले।

बढ़ते आंकड़ों ने खड़े किए कई सवाल

पति की हत्या के मामले हों या पुरुषों की हेल्पलाइन पर बढ़ती शिकायतें- ये आंकड़े बदलते वैवाहिक रिश्तों की एक गंभीर तस्वीर सामने रखते हैं। सवाल यह है कि आखिर दांपत्य रिश्तों में विवाद किस स्तर तक पहुंच रहे हैं कि बात अलगाव से आगे बढ़कर हिंसा और हत्या तक पहुंच रही है? और क्या ऐसे मामलों को रोकने के लिए परिवार परामर्श, कानूनी सहायता और समय रहते हस्तक्षेप की व्यवस्था पर्याप्त है? मध्यप्रदेश में छह महीने में पति की हत्या के 36 मामले और हेल्पलाइन पर 12,577 कॉल- ये आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि बिगड़ते वैवाहिक रिश्तों पर गंभीर मंथन की जरूरत का संकेत हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m