वीरेंद्र कुमार/नालंदा। नालंदा थाना क्षेत्र के सुरजपुर गांव में हाल ही में हुई सिलसिलेवार चोरियों ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी थी। 5 और 6 जून 2026 की मध्य रात्रि को अज्ञात चोरों ने एक साथ पांच घरों को अपना निशाना बनाया था। अब पुलिस ने इस मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरी घटना का खुलासा कर दिया है।

​पुलिस की विशेष टीम ने बिछाया जाल

​घटना की गंभीरता को देखते हुए नालंदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजगीर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचनाओं के आधार पर इस गिरोह तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।

​ऐसे रची गई चोरी की साजिश

​पुलिस जांच में पता चला है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड सुरजपुर निवासी रित्विक प्रखर उर्फ अप्पा था। रित्विक ने पहले ही उन घरों की पहचान की थी जहां चोरी करनी थी जिसके बाद उसने अपने सहयोगियों, अभिषेक कुमार और श्याम उपाध्याय को मौका-ए-वारदात पर बुलाया। अभिषेक और श्याम ने मिलकर घरों के ताले तोड़े और नगदी, जेवरात व मोबाइल फोन उड़ा ले गए।
​वारदात को अंजाम देने के बाद, बेगमपुर निवासी सकलदीप कुमार ने एक सुनियोजित तरीके से अपनी मोटरसाइकिल का उपयोग करते हुए अभिषेक और रित्विक को सुरक्षित रूप से नवादा पहुंचाने में मदद की। वहीं मुख्य आरोपी श्याम उपाध्याय मौके से फरार होकर राजगीर भाग निकला जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

​बरामदगी और अन्य खुलासे

​पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की गई राशि में से 15 हजार 600 रुपये नगद बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने केवल सुरजपुर कांड ही नहीं बल्कि नालंदा और राजगीर थाना क्षेत्रों में हुई कई अन्य चोरियों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित चोर गिरोह है जो लंबे समय से सक्रिय था।
​इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाने में राजगीर अंचल निरीक्षक संजय कुमार, डीआईयू प्रभारी आलोक कुमार सिंह, नालंदा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार और सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सहित पूरी SIT टीम की भूमिका सराहनीय रही। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के बाकी संपर्कों और अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की गहन जांच कर रही है। जल्द ही फरार आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।