Bihar news: बिहार में परीक्षाओं की शुचिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने हाल ही में बीपीएससी (BPSC) द्वारा आयोजित एईडीओ (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी भर्ती परीक्षा में हुए बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में जांच के दौरान अपराध की एक नई और खतरनाक शैली सामने आई है।
अपराध का बदला हुआ पैटर्न
अब तक की परीक्षाओं में धांधली के लिए मुख्य रूप से प्रिंटिंग प्रेस या ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कर्मियों को निशाना बनाया जाता था, जो सीधे पेपर लीक में शामिल होते थे। लेकिन, इस बार माफियाओं ने तकनीक के सबसे संवेदनशील हिस्से को अपने प्रभाव में ले लिया। जांच में पाया गया कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का जिम्मा संभालने वाली जयपुर स्थित कंपनी ‘मेसर्स साई एजुकेट प्राइवेट लिमिटेड’ के कर्मचारी इस साजिश में सीधे तौर पर शामिल थे। कंपनी के जिला कॉर्डिनेटर और सुपरवाइजरों ने अपनी भूमिका का दुरुपयोग करते हुए अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया में हेरफेर की।
आठ मामले और 35 गिरफ्तारियां
डीआईजी ढिल्लों के अनुसार, इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं। इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल आठ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से मुंगेर, बेगूसराय, नालंदा और नवादा जिलों से संबंधित एईडीओ परीक्षा के मामले प्रमुख हैं। इसके अलावा, पटना के श्रीकृष्णपूरी थाना में भी केस दर्ज किया गया है, जिसकी गहन जांच जारी है। अब तक पुलिस ने इस संगठित गिरोह के 35 सदस्यों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जांच की दिशा
ईओयू की टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या उक्त कंपनी की सेवाएं अन्य परीक्षाओं में भी ली गई थीं और वहां भी इसी तरह की धांधली की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि बायोमेट्रिक सुरक्षा घेरे में सेंधमारी एक बड़ी चुनौती है। पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो सीधे तौर पर इन माफियाओं और बायोमेट्रिक कंपनी के बीच के लेनदेन की ओर इशारा करते हैं।
इस खुलासे ने भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रशासन अब पूरे बायोमेट्रिक सिस्टम के ऑडिट की तैयारी कर रहा है ताकि भविष्य में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

