दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। शहर में किस्मत के नाम पर जनता की जेबें कुतरने वाले सट्टा माफियाओं के खिलाफ नर्मदापुरम पुलिस ने अब तक का सबसे तगड़ा ‘स्ट्राइक’ किया है। पुलिस की अलग-अलग खुफिया टीमों ने शहर के छह से ज्यादा इलाकों को एक साथ घेरकर चल रहे अवैध सट्टे के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है। इस ताबड़तोड़ छापेमारी में सट्टे की महफिल सजाने वाले और दांव लगाने वाले कुल 14 ‘खिलाड़ियों’ को रंगे हाथों दबोचा गया है।
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मुखबिर के सटीक इनपुट पर पुलिस ने बाकायदा जाल बुना था। सब्जी मंडी, मीनाक्षी चौक, बालागंज, जय स्तंभ चौक, गुप्ता ग्राउंड और बंगाली कॉलोनी जैसे इलाकों में जैसे ही पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए दाखिल हुईं, सटोरियों में भगदड़ मच गई। अंकों पर नोटों की गड्डियां उछालने वाले भाग पाते, इससे पहले ही घेराबंदी कर 14 आरोपियों को दबोच लिया गया। इनमें प्रीतम जाटव, दयाचंद उर्फ करण, रमनलाल, राजकुमार, शंकर, शिवनारायण, राजेश, जय किशन, सतीश, सालिकराम, मोहम्मद यूसुफ और रोशन कहार जैसे नाम शामिल हैं।
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पुलिस ने महज जुआ एक्ट का मामूली केस दर्ज करके कोरम पूरा नहीं किया, बल्कि रिकॉर्डशुदा बदमाशों का पूरा इलाज कर दिया है। सट्टे के इस दलदल के पुराने खिलाड़ी प्रीतम, दयाचंद, रमनलाल, राजकुमार और शंकर वर्मा की कुंडली खंगालते हुए पुलिस ने इनके खिलाफ BNSS की धारा 170 के तहत भी कड़ा हंटर चलाया है, ताकि ये दोबारा सिर न उठा सकें। पुलिस की दो टूक चेतावनी में कहा को शहर में अवैध धंधा करने वालों के दिन अब गिनती के बचे हैं। कानून तोड़ोगे, तो सलाखें तैयार हैं।

