दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। जिले के पिपरिया शहर में रंगपंचमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य उत्सव में समूचा नगर इंदौर की तर्ज पर रंगों के उत्सव में डूबा नजर आया। शहर के विभिन्न मार्गों से निकली रंग यात्राओं ने ब्रज और मथुरा की होली की यादें ताजा कर दीं।
नगर के तीन प्रमुख क्षेत्रों, सांडिया रोड, हथवास और पचमढ़ी रोड से एक साथ भव्य रंग यात्राएं प्रारंभ हुईं। इन यात्राओं में राधा-कृष्ण की तीन नृत्य मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से ब्रज का सजीव चित्रण किया। इसके साथ ही पांच भजन मंडलियों के भक्तिमय गीतों और आधा दर्जन पानी के टैंकरों के साथ हुलियारों की टोली नाचते-गाते हुए आगे बढ़ी।
दोपहर 12 बजे तीनों दिशाओं से आई यात्राओं का संगम नगर के हृदय स्थल मंगलवारा चौक पर हुआ। यहां का नजारा किसी उत्सव जैसा था। नगर पालिका के टैंकरों, फायर ब्रिगेड और ट्रैक्टरों के माध्यम से हवा में रंगों की बौछार की गई, जिससे पूरा आसमान इंद्रधनुषी हो गया। डीजे और ढोल की थाप पर युवा और बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़कों पर उतरकर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी।
पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसडीओपी और दो थानों के प्रभारी अपने दल-बल के साथ लगातार गश्त करते रहे। प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों के सहयोग से पूरा आयोजन बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ, जो नगर के आपसी भाईचारे और सौहार्द की एक मिसाल बना।

