दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। जहां एक ओर सरकार बिजली बचाने और संसाधनों के सही उपयोग की दुहाई देती है, वहीं नर्मदापुरम के कमिश्नर कार्यालय परिसर स्थित जिला पेंशन अधिकारी कार्यालय में एक अलग ही खेल चल रहा है। आज छुट्टी के दिन, जब दफ्तरों में सन्नाटा होना चाहिए, वहां सरकारी बिजली से ‘निजी’ ई-बाइक को सरपट दौड़ाने की तैयारी की जा रही है।
हैरानी की बात यह है कि कक्ष क्रमांक 47 में रविवार के दिन जब दफ्तर पूरी तरह बंद रहते हैं, तब कार्यालय के भीतर से चार्जर लगा कर ई-बाइक जिसका नं MP-05-ZE- 2170 को चार्जिंग पर लगा दिया गया। सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी दफ्तरों का इस्तेमाल अब निजी वाहनों को ‘फुल चार्ज’ करने के लिए होगा ? क्या जिले के आला अधिकारियों की नाक के नीचे सरकारी खजाने (बिजली बिल) पर यह ‘पर्सनल’ डाका नहीं है ?
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कमिश्नर कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण परिसर में इस तरह की लापरवाही ने चर्चाओं को हवा दे दी है। लोग अब चटखारे लेकर पूछ रहे है, साहब की बाइक चार्ज हो रही है या सिस्टम को ही डिस्चार्ज किया जा रहा है? अब देखना यह होगा कि इस ‘पावरफुल’ कारनामे पर वरिष्ठ अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं या फिर इस मामले को भी ‘डिस्चार्ज’ कर दिया जाएगा। हालांकि यह ई-बाइक किस अधिकारी या कर्मचारी की है इसकी जानकारी प्राप्त की जा रही है।
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