अमित मंकोडी, आष्टा। सीहोर जिले की आष्टा तहसील के कोठरी में स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) की ओर से संचालित विश्वविद्यालय को ‘VIT Bhopal University’ नाम से संचालित किया जा रहा है। जबकि विश्वविद्यालय रूप से भोपाल जिले में स्थित नहीं है।
भोपाल से 100 किलोमीटर दूर है परिसर
विश्वविद्यालय का वास्तविक परिसर भोपाल शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर सीहोर जिले की आष्टा तहसील में स्थित है। छात्र-छात्राओं को भ्रमित करने के लिए राजधानी भोपाल के नाम का उपयोग किया जा रहा था। जिस पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है।
NHRC ने विश्वविद्यालय के खिलाफ दर्ज किया केस
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने एमपी सरकार, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और मानवाधिकार आयोग से गंभीर शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने शुक्रवार को सीहोर वीआईटी विश्वविद्यालय के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने अपनी शिकायत में कहा कि विश्वविद्यालय के ‘भोपाल’ नाम का इस्तेमाल किए जाने से अन्य राज्यों के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के दौरान भोपाल नाम देखकर कई स्टूडेंट यह मान लेते हैं कि संस्थान भोपाल शहर में है, जिससे बाद उन्हें असुविधा और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
पहले भी आक्रोश से उपजी थी हिंसा
रवि परमार ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण पहले छात्रों में भारी आक्रोश पैदा हुआ था, जिसने गंभीर और हिंसक रूप ले लिया था। छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी, अव्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए थे।
इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित कथित अवैध क्लीनिक और अन्य अनियमितताओं के संबंध में भी पहले विस्तृत शिकायतें की जा चुकी हैं, जिन पर अब तक कठोर कार्रवाई नहीं हुई है।
मानवाधिकार आयोग के एफआईआर दर्ज करने पर भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में केस रजिस्टर्ड कर संबंधित पक्षों से प्रतिवेदन तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम छात्रों के अधिकारों एवं पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
एनएसयूआई की प्रमुख मांगें
1. “VIT Bhopal University” के नाम से तत्काल “भोपाल” शब्द हटाया जाए।
2. विश्वविद्यालय की समस्त अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
3. छात्रों को मूलभूत सुविधाएं, पारदर्शी प्रशासन एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

