कैथल के राजकीय आईटीआई में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय सेमिनार और मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीजेएम कंवल कुमार ने विज्ञान और तकनीकी विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।

राकेश कथूरिया, कैथल। हरियाणा राज्य विज्ञान नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद, पंचकूला के मार्गदर्शन में आज राजकीय आईटीआई कैथल के सभागार में ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय सेमिनार, मॉडल प्रदर्शनी एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कंवल कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डीआईपीआरओ नसीब सैनी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईटीआई के प्रधानाचार्य एवं जिला युवा समन्वयक अधिकारी सतीश मच्छाल ने की। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

वैज्ञानिक उपलब्धियों और पोखरण परीक्षण का महत्व

अपने संबोधन के दौरान सतीश मच्छाल ने बताया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत की महान वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 11 मई 1998 को पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण ने भारत को विश्व के प्रमुख तकनीकी राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा कर दिया था। मुख्य अतिथि कंवल कुमार ने इस वर्ष की थीम “यंत्र-युगांतर फॉर एडवांसिंग न्यू टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड एक्सीलरेशन” पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के योगदान ने देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रिसर्च और नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय होकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

तकनीकी सुपरपॉवर बनाने में युवाओं का योगदान

विशिष्ट अतिथि नसीब सैनी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विश्व स्तर पर अपनी धाक जमाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को तकनीकी शिक्षा अपनाकर भारत को ‘तकनीकी सुपरपॉवर’ बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी और सेमिनार में प्रतिभागियों ने शानदार मॉडल पेश किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन करियर मार्गदर्शन अनुदेशक रणधीर ढांडा द्वारा किया गया और इसमें विभिन्न आईटीआई संस्थानों के शिक्षक व सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।

विशिष्ट अतिथियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति

कार्यक्रम में विज्ञान विशेषज्ञ के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज की सहायक प्राचार्य डॉ. रुपाली चुघ और जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार ने शिरकत की। इसके अलावा आईएमसी सोसाइटी आईटीआई कैथल से नरेश कुमार, आईटीआई पटनावा के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार, आईटीआई महिला कैथल से राजा रानी और आईटीआई पूंडरी व चीका के प्रधानाचार्य सहित सुदेश रानी, शमशेर सिंह, संजीव कुमार और मीनाक्षी जैसे अनेक शिक्षक मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने एकमत होकर विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक नवाचार से जुड़ने की सलाह दी।