रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचार और बेहतर प्रशासनिक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। वर्ष 2024-25 में गुंडरदेही के विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहे नवीन कुमार यादव को शैक्षिक प्रशासन में नवाचार एवं नवोन्मेष के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ में सहायक संचालक के पद पर कार्यरत नवीन यादव को यह सम्मान राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA), नई दिल्ली की ओर से प्रदान किया गया है।
दिल्ली में मिला Certificate of Appreciation
नई दिल्ली में 2 और 3 सितंबर 2026 को आयोजित “Innovations and Good Practices in Educational Administration – 2024-25” राष्ट्रीय आयोजन में नवीन कुमार यादव को Certificate of Appreciation प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में देश के प्रख्यात शिक्षाविद एवं पद्मश्री प्रो. जे.एस. राजपूत की उपस्थिति रही। शैक्षिक प्रशासन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए नवीन यादव को यह राष्ट्रीय पहचान मिली है।

शिक्षा प्रशासन को जमीनी जरूरतों से जोड़ने पर जोर
गुंडरदेही में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए नवीन यादव ने शिक्षा प्रशासन को केवल विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित रखने के बजाय विद्यालय, शिक्षक और विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। उनके कार्यकाल में विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने, शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने, विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में प्रयास किए गए।उनकी कार्यशैली में प्रशासन और शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी गई। शिक्षकों को केवल निर्देशों के पालन तक सीमित रखने के बजाय विद्यालय और विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
स्थानीय नवाचार पहुंचा राष्ट्रीय मंच तक
गुंडरदेही में किए गए प्रयासों की खासियत यह रही कि इन्हें स्थानीय परिस्थितियों और विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया गया। शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षक की कार्यक्षमता, विद्यालयीन वातावरण और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को केंद्र में रखकर किए गए इन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किए जाने योग्य माना गया। NIEPA की ओर से देश के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा प्रशासन के क्षेत्र में किए जा रहे Innovations and Good Practices को पहचान देने और उन्हें अन्य क्षेत्रों के लिए उपयोगी उदाहरण के रूप में सामने लाने की पहल की जाती है।
‘जमीनी प्रशासन’ की सोच को मिली पहचान
नवीन यादव का सम्मान शिक्षा प्रशासन में उस सोच को भी रेखांकित करता है, जिसमें अधिकारी की भूमिका सिर्फ कार्यालयीन कार्यों तक सीमित नहीं रहती। विद्यालयों और शिक्षकों के बीच पहुंचकर वास्तविक समस्याओं को समझना और उनके समाधान तलाशना भी इसी कार्यशैली का हिस्सा रहा। गुंडरदेही में उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षक, विद्यार्थी, विद्यालय प्रशासन और विभागीय तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए गए। शिक्षा सुधार को एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाने की सोच ने उनके कार्यों को अलग पहचान दिलाई।
DPI में सहायक संचालक की जिम्मेदारी
गुंडरदेही में जिम्मेदारी निभाने के बाद नवीन कुमार यादव वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ में सहायक संचालक के रूप में कार्यरत हैं। गुंडरदेही में किए गए शिक्षा सुधार संबंधी कार्यों के लिए मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उनके प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
बालोद जिले के लिए भी गौरव का क्षण
नवीन यादव को मिला सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गुंडरदेही और बालोद जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। एक विकासखंड में किए गए शिक्षा संबंधी नवाचारों का राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना यह संदेश देता है कि शिक्षा में बदलाव के लिए केवल बड़े संसाधन ही जरूरी नहीं हैं। स्थानीय जरूरतों को समझकर प्रतिबद्धता के साथ किए गए प्रयास भी राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बन सकते हैं। गुंडरदेही से शुरू हुई शिक्षा में नवाचार की यह यात्रा अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुकी है। NIEPA का यह सम्मान नवीन यादव के पूर्व कार्यों की राष्ट्रीय स्वीकृति के साथ-साथ जमीनी स्तर पर शिक्षा सुधार की संभावनाओं को भी रेखांकित करता है।
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