हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के पिंजौर स्थित एप्पल मार्केट में आयोजित युवा, किसान और व्यापारी संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है और सरकार युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि देने वाला बनाएगी।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में शोध, कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में राज्य के विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
मुख्यमंत्री मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर स्थित एप्पल मार्केट में आयोजित युवा संवाद तथा किसानों और व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और विधायक शक्ति रानी शर्मा भी मौजूद रहे।
सुपर-100 के 271 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता का विकास करने के लिए महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता का अंतिम चरण लोकसभा में आयोजित होता है, जिसमें देशभर के प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं।
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल की छात्रा सोनाक्षी के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिशन बुनियाद शुरू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 103 विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-100 संस्थान में अतिरिक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष सुपर-100 कार्यक्रम के तहत 400 विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, जिनमें से 271 विद्यार्थियों का देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दाखिला हुआ है। इसके अलावा मिशन के तहत तैयारी करने वाले 61 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।
उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसका परिणाम है कि आज युवाओं का चयन बिना खर्ची और बिना पर्ची, पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर एचसीएस जैसे प्रतिष्ठित पदों पर हो रहा है।
प्रदेश में विकसित किए जा रहे फल क्लस्टर
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय की छात्रा दीपिका ने विश्वविद्यालयों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। अंबाला, झज्जर सहित अन्य स्थानों पर क्षेत्रीय केंद्र और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किन्नू, अमरूद, स्ट्रॉबेरी और लीची के फल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इससे किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और उन्हें अपनी उपज का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।
युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को कुशल युवा उपलब्ध करवाने और यूथ फोर्स को मजबूत बनाने के लिए राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ एमओयू किए गए हैं। इनके माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और प्लेसमेंट की प्रक्रिया भी आसान होगी।
उन्होंने कहा कि उद्योगों में भी स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि युवा केवल नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए मुद्रा योजना, स्टार्टअप सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता और जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
मजदूरों के बच्चों के लिए जीरो ड्रॉपआउट नीति पर काम
केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ के विद्यार्थी आलोक ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए माउंटेन ट्रेनिंग और मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल स्कूल शुरू करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मजदूरों के वंचित बच्चों के लिए जीरो ड्रॉपआउट नीति पर काम कर रही है। ऐसे बच्चों की कक्षा 5वीं, 8वीं और 12वीं तक लगातार ट्रैकिंग की जा रही है। स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग की ओर से ऐसे बच्चों को छात्रवृत्ति और छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। मोबाइल स्कूल शुरू करने के सुझाव पर भी सरकार विचार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में श्रमदान के पीरियड शुरू किए जाएंगे, ताकि बच्चों में अच्छे संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो। उन्होंने कहा कि युवाओं का रुझान केवल डिग्री और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि खेलों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी बढ़नी चाहिए।
पिंजौर एप्पल मंडी में जलघर और 132 केवी सब-स्टेशन का निर्माण
व्यापारियों के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि एप्पल मंडी में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए जलघर का निर्माण किया जा रहा है। इससे कालका-पिंजौर क्षेत्र के लोगों को भी स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा। मोरनी क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंडी में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 132 केवी सब-स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। व्यापारियों द्वारा मार्केट फीस कम करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्ट्रा मॉडर्न एप्पल मंडी के विकास और सुविधाओं पर राशि खर्च की जा रही है। इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी में किसानों के ठहरने के लिए विश्राम गृह का निर्माण प्रस्तावित है। व्यापारियों के लिए अटल कैंटीन की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके अलावा मंडी में पार्किंग और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था भी की जाएगी।


