कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़: प्रॉपर्टी आईडी (Property ID) से जुड़ी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर समयबद्ध तरीके से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय, नगर योजनाकार और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिए। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।
2.79 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी आईडी अप्रूव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी आईडी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि कुल 4,42,570 प्रॉपर्टीज में से 2,79,658 प्रॉपर्टी आईडी अप्रूव की जा चुकी हैं। शेष आईडी का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह विभाजन के लिए चिन्हित 63,878 प्रॉपर्टी आईडी में से 36,545 को मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने बाकी मामलों को भी तेजी से निपटाने को कहा।
लंबित आपत्तियों का जल्द समाधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 50,50,072 प्रॉपर्टीज से जुड़े मामलों में स्थानीय निकायों के स्तर पर 19,403 आपत्तियां लंबित हैं। उन्होंने अधिकारियों को इनका भी शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि क्रिड (CRID) और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के बीच समन्वय बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं, ताकि प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी दिक्कतों का समाधान तेजी से हो सके। साथ ही पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया।
खाली प्लॉट और कमर्शियल गतिविधियों पर भी राहत के संकेत
मुख्यमंत्री ने वैध कॉलोनियों में खाली पड़े प्लॉटों को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कॉलोनियों की सीमा में आने वाले खाली प्लॉटों को भी वैध मानकर एचएसवीपी की तर्ज पर एक्सटेंशन फीस लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इसी तरह किसी प्लॉट या मकान में कमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं तो विकास शुल्क समेत निर्धारित शुल्क लेकर उसे अनुमति देने की प्रक्रिया अपनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से भूमि के उपयोग के आधार पर कृषि, कमर्शियल और रेजिडेंशियल श्रेणियों में आकलन करने को कहा। नियमों और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली कॉलोनियों को वैध घोषित करने की दिशा में भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
फैमिली ID से मिसमैच भी दूर होगा
बैठक में फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के बीच मिसमैच की समस्या पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसे जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1.39 करोड़ प्रॉपर्टी आईडी में से 31 लाख को आधार कार्ड से मैच किया जा चुका है। बाकी प्रॉपर्टी आईडी को भी करीब एक वर्ष में आधार से मैच करने का लक्ष्य रखा गया है। शहरी क्षेत्रों में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नई नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बिल्डरों की बल्क PID और पुरानी रजिस्ट्री के मामलों पर भी चर्चा
बैठक में बिल्डरों द्वारा बड़ी संख्या में नई प्रॉपर्टी आईडी जनरेट करने के मामलों पर भी मंथन हुआ। इसके अलावा व्यक्तिगत और पुरानी रजिस्ट्री से संबंधित अलग-अलग सब-आईडी बनाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने इन मामलों का व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी बीबी भारती, उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और यूएलबी निदेशक मुकुल कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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