हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब और हरियाणा के सांस्कृतिक जुड़ाव को अटूट बताया। सतगुरु भूरीवाले के 24वें निर्वाण दिवस पर उन्होंने अंत्योदय और नारी शिक्षा पर जोर दिया।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के पोजेवाल में एक भावुक और एकता से भरा संदेश साझा किया। सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज भूरीवाले के 24वें निर्वाण दिवस समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही भौगोलिक रूप से पंजाब और हरियाणा दो अलग राज्य हों, लेकिन दोनों की आत्मा एक ही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे जीवन मूल्य, संस्कार, खान-पान और त्योहारों की सांझी विरासत संतों की ही देन है। इस पुनीत अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान में पढ़ रही बेटियों की शिक्षा और सुविधाओं के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की महत्वपूर्ण घोषणा की।

अंत्योदय का संकल्प और संतों की महानता

मुख्यमंत्री ने समागम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संतों का जीवन ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का साक्षात प्रमाण होता है, जिनके लिए राज्यों की सीमाएं कोई मायने नहीं रखतीं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार वर्तमान में सतगुरु के आदर्शों और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचा रही है। डबल इंजन की सरकार गरीबों, पिछड़ों और महिलाओं की सेवा को ही अपना परम लक्ष्य मानकर कार्य कर रही है। सैनी ने विशेष रूप से नारी शिक्षा का उल्लेख करते हुए बताया कि हरियाणा में हर 20 किलोमीटर पर सरकारी कॉलेज खोलकर बेटियों को सशक्त बनाया जा रहा है।

नशे के खिलाफ जागृति और युवाओं को आह्वान

समागम के समापन सत्र में मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सतगुरु भूरीवाले ने मन की निर्मलता और दीन-दुखियों की सेवा का जो मार्ग दिखाया है, वह आज के दौर में युवाओं के लिए संजीवनी के समान है, विशेषकर नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ उनकी शिक्षाएं एक ढाल का काम करती हैं। इस गरिमामय कार्यक्रम में स्वामी चेतनानंद महाराज, राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू और पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सतगुरु की शिक्षाएं आधुनिक युग के तूफानों में युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन प्रदान करती रहेंगी।