हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रेवाड़ी के गोकलपुर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार प्रदेश के आर्थिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक मूल्यों को भी बढ़ावा दे रही है।
धनेश, रेवाड़ी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को गोकलपुर शिव मंदिर आश्रम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हरियाणा संतों और वीरों की भूमि है, जहां की संस्कृति में सेवा, त्याग और धर्म का विशेष स्थान है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार प्रदेश में आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महादेव प्रांगण का लोकार्पण किया और तीन दिवसीय महारूद्री यज्ञ में भी भाग लिया।

गोकलपुर आश्रम का महत्व और सरकारी योजनाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाभारत काल में निर्मित गोकलपुर का प्राचीन शिव मंदिर हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं का जीवंत केंद्र है। उन्होंने स्वामी धीरज गिरी महाराज द्वारा आश्रम में चलाए जा रहे गौ सेवा और पशु चिकित्सा के कार्यों की सराहना की। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने गौ-संरक्षण पर जोर देते हुए बताया कि 2014 में गौसेवा के लिए दो करोड़ रुपये का बजट था, जिसे बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने स्वामी धीरज गिरी महाराज से आश्रम की गौशाला का पंजीकरण कराने का आग्रह किया ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए सनातन धर्म के उत्थान और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ की भी चर्चा की, जिसके माध्यम से बुजुर्गों और कमजोर श्रद्धालुओं को प्रयागराज और अयोध्या धाम की यात्रा करवाई जा रही है।

अहीरवाल क्षेत्र का चहुंमुखी विकास
इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि 2014 के बाद अहीरवाल क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब, मेडिकल कॉलेज और नेशनल हाईवे के निर्माण से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। वहीं, रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने मुख्यमंत्री की सबका साथ, सबका विकास की नीतियों की प्रशंसा की और लाडो लक्ष्मी जैसी योजनाओं का जिक्र किया। यह कार्यक्रम क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना है और आगे भी इसी तरह के कल्याणकारी कार्य जारी रहेंगे।

