कुंदन कुमार/पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में एनडीए गठबंधन की ओर से 9 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है। इस अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एनडीए की एकजुटता और जीत का दावा करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।

​एनडीए के उम्मीदवारों पर भरोसा

​शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एनडीए द्वारा चुने गए सभी 9 उम्मीदवार पार्टी के समर्पित और मजबूत कार्यकर्ता हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सभी उम्मीदवारों की जीत निश्चित है। उनके अनुसार, यह नामांकन एनडीए की जमीनी मजबूती और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा का प्रमाण है।

​पवन सिंह का नामांकन एक बड़ा कदम

​शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और प्रसिद्ध गायक पवन सिंह को विधान परिषद का उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पवन सिंह को उम्मीदवार बनाकर भाजपा नेतृत्व ने कला और संस्कृति जगत के एक बड़े नाम को सम्मान दिया है। मिथिलेश तिवारी ने इसके लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और इसे पार्टी की एक बड़ी और सकारात्मक पहल करार दिया।

​’हरा गमछा’ पर कटाक्ष, राजद को घेरा

​जब शिक्षा मंत्री से यह सवाल किया गया कि राजद की ओर से भी नामांकन हुआ है, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजद अपनी संख्या बल को देख ले, जीत के लिए जो आंकड़ा चाहिए, वह उनके पास नहीं है। इसी क्रम में उन्होंने बिहार की राजनीति में प्रचलित ‘हरा गमछा’ (राजद की पहचान) का उल्लेख करते हुए कहा, अब विधान परिषद में हरा गमछा नजर नहीं आएगा। अब बिहार में हरा गमछा का राज खत्म हो चुका है।
​मिथिलेश तिवारी का यह बयान स्पष्ट करता है कि आगामी चुनाव में एनडीए अपनी पूर्ण जीत के प्रति आश्वस्त है। वहीं, राजद के प्रभाव को नकारते हुए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बिहार में अब एनडीए का ही वर्चस्व कायम है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को एनडीए के बढ़ते आत्मविश्वास के रूप में देखा जा रहा है।