Lifestyle Desk – बारिश का मौसम चल रहा है लेकिन कभी कभी अचानक से बहुत ज़्यादा गर्मी बढ़ जाती है और दिनभर उमस हो जाती है। उमस का मौसम फिटनेस रूटीन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इस मौसम में एक्सरसाइज के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा पसीना निकलता है। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पसीना जरूरी है, लेकिन इसके साथ शरीर से पानी के अलावा सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकलते हैं। यही वजह है कि उमस भरे दिनों में वर्कआउट के बाद थकान, कमजोरी, चक्कर या पूरे दिन एनर्जी कम महसूस हो सकती है।आइए जानते हैं इस मौसम में वर्कआउट करते समय किन- किन बातों का ख्याल रखा जाना जरूरी है।

सुबह की एक्सरसाइज के बाद भी क्यों रहती है थकान?

कई लोग मानते हैं कि गर्मी से बचने के लिए सुबह जल्दी एक्सरसाइज करना सबसे बेहतर विकल्प है। हालांकि, उमस ज्यादा होने पर सुबह का मौसम भी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। पसीना निकलने के बावजूद अगर हवा में नमी अधिक है तो शरीर के लिए पसीने को वाष्पित करके खुद को ठंडा करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में शरीर ज्यादा मेहनत करता है और थकान जल्दी महसूस हो सकती है।

इसके अलावा, एक्सरसाइज के दौरान अत्यधिक पसीना आने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। केवल पानी पीने से हर स्थिति में पर्याप्त भरपाई नहीं हो पाती। खासकर लंबे समय तक या ज्यादा पसीना बहाने वाले वर्कआउट के दौरान इलेक्ट्रोलाइट्स पर भी ध्यान देना जरूरी है।

सिर्फ पानी नहीं, इन मिनरल्स का भी रखें ध्यान

वर्कआउट से पहले और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। अगर एक्सरसाइज लंबे समय तक चलती है या बहुत ज्यादा पसीना आता है तो इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई पर भी ध्यान दें। सोडियम शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन और सामान्य मांसपेशी कार्य में भूमिका निभाता है। वहीं पोटेशियम और मैग्नीशियम भी मांसपेशियों और शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी मिनरल हैं।

नारियल पानी, नींबू-पानी, छाछ और पानी से भरपूर फल-सब्जियां रोजमर्रा की डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, बहुत ज्यादा पसीना आने की स्थिति में इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की जरूरत व्यक्ति की गतिविधि, पसीने की मात्रा और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।

वर्कआउट की तीव्रता रखें कम

गर्मी और उमस में हर दिन हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करना जरूरी नहीं है। ऐसे मौसम में वर्कआउट की अवधि और तीव्रता को थोड़ा कम करना बेहतर हो सकता है। एक्सरसाइज के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।

अगर चक्कर आना, सिरदर्द, मितली, असामान्य कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन या अत्यधिक थकान महसूस हो तो तुरंत एक्सरसाइज रोक दें और ठंडी जगह पर आराम करें। बेहोशी, भ्रम या बहुत गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

कपड़े और समय का भी रखें ध्यान

वर्कआउट के लिए हल्के, ढीले और पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें। संभव हो तो बहुत ज्यादा गर्मी वाले समय में आउटडोर एक्सरसाइज करने से बचें। घर के अंदर वर्कआउट करते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन या पंखे की व्यवस्था रखें।उमस में फिटनेस का मतलब शरीर को उसकी क्षमता से ज्यादा धकेलना नहीं, बल्कि मौसम के अनुसार वर्कआउट रूटीन को बदलना है। सही हाइड्रेशन, संतुलित डाइट, पर्याप्त आराम और शरीर के संकेतों पर ध्यान देकर इस मौसम में भी सुरक्षित तरीके से फिटनेस रूटीन जारी रखा जा सकता है।