नई दिल्ली/मोतिहारी: NEET पेपर लीक विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल और एक डॉक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह परीक्षार्थियों से 20-30 लाख रुपये लेकर एमबीबीएस (MBBS) में सीट पक्की करने की गारंटी देता था।

​RJD नेता ही निकला नेक्सस का मास्टरमाइंड

​पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे गोरखधंधे का सरगना संतोष कुमार जायसवाल है। बिहार के मोतिहारी (घोड़हसन) का रहने वाला जायसवाल दिल्ली में दवा का कारोबार करता है और राजद के शीर्ष नेतृत्व का करीबी माना जाता है। वह रक्सौल विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी में भी था। पुलिस के अनुसार, उसी ने पूरी साजिश रची थी।

​फर्जी प्रश्न पत्रों से छात्रों को बनाया शिकार

​इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। डॉक्टर अखलाक आलम उर्फ गोल्डन आलम पुराने कोचिंग मटेरियल और पिछले वर्षों के पेपर्स का उपयोग कर ‘फर्जी’ प्रश्न पत्र तैयार करता था। आरोपी छात्रों को परीक्षा से पहले अज्ञात जगहों पर ले जाते थे और उन्हें यह भरोसा दिलाते थे कि यही असली लीक पेपर है।

​सूरत पुलिस के इनपुट पर दिल्ली में बड़ी

​2 मई को सूरत पुलिस से मिली सूचना के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने महिपालपुर इलाके के करीब 100 होटलों में छापेमारी की। पुलिस ने गाजियाबाद के एक फ्लैट और अस्पताल के पास से 18 छात्रों को इन ठगों के चंगुल से छुड़ाया। इनमें से कुछ छात्र नाबालिग भी थे। आरोपियों ने इन छात्रों को उनके परिजनों से अलग कर दिया था।

​दस्तावेज और ब्लैंक चेक लेकर करते थे ब्लैकमेल

​गिरोह का सदस्य विनोद भाई भीखा भाई पटेल गुजरात के भोले-भाले छात्रों और अभिभावकों को फंसाता था। आरोपी एडवांस पैसों के अलावा छात्रों की 10वीं-12वीं की मूल मार्कशीट और हस्ताक्षर किए हुए खाली चेक भी गिरवी रख लेते थे, ताकि बाद में पैसों के लिए दबाव बनाया जा सके।

​CBI की जांच और अन्य गिरफ्तारियां

​एक तरफ दिल्ली पुलिस ने इस ठग गिरोह को पकड़ा है, वहीं दूसरी ओर NEET पेपर लीक की मुख्य जांच कर रही CBI ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के सीकर और हरियाणा के गुरुग्राम के आरोपी शामिल हैं। महाराष्ट्र के पुणे और अहिल्यानगर से भी कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनके खातों में संदिग्ध लेन-देन पाया गया है।