​किशनगंज। शहर के रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक विवाहिता ने अपनी 5 साल की मासूम बच्ची के सामने ही मौत को गले लगाने की कोशिश की। पारिवारिक कलह से तंग आकर एक 24 वर्षीय महिला ने फुट ओवरब्रिज (FOB) से लटककर जान देने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ व त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी को टलने से रोक लिया।

​दुपट्टे का फंदा बना ओवरब्रिज से कूदी महिला

​घटना रेलवे कॉलोनी स्थित फुट ओवरब्रिज की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला काफी देर से अपनी बच्ची के साथ स्टेशन परिसर में बेहद तनावग्रस्त स्थिति में घूम रही थी। अचानक उसने अपने दुपट्टे को ब्रिज के लोहे के गाटर से बांधा और गले में फंदा डालकर नीचे छलांग लगा दी। यह दृश्य देख स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के जवानों ने बिना समय गंवाए तत्काल महिला को फंदे से मुक्त किया और उसे सुरक्षित नीचे उतारा।

​बच्ची के सामने ‘मौत’ की जिद: एक घंटे तक चला रेस्क्यू

​पीड़िता की पहचान सदर थाना क्षेत्र के धर्मगंज निवासी सोम नाथ की पत्नी ज्योति कुमारी (24 वर्ष) के रूप में हुई है। बचाव कार्य के दौरान उसकी 5 साल की मासूम बेटी बुरी तरह सहमी हुई थी। जान बचाए जाने के बाद भी ज्योति काफी भावुक और आक्रोशित थी; वह बार-बार पुलिसकर्मियों से कह रही थी, “मुझे मरने दो, मुझे नहीं जीना।” सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने लगभग एक घंटे तक उसे सांत्वना दी और काउंसलिंग की, जिसके बाद वह शांत हुई।

​पारिवारिक विवाद बना आत्मघाती कदम की वजह

​सूचना मिलते ही रेलवे थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को अपनी सुरक्षा में लिया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि ज्योति अपने पति और ससुराल वालों के साथ चल रहे गहरे विवाद के कारण मानसिक रूप से काफी टूट चुकी थी। इसी तनाव के चलते उसने अपनी और अपनी बच्ची की परवाह किए बिना यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया था।

​पिता और पति की उपस्थिति में घर वापसी

​आरपीएफ इंचार्ज एच.के. शर्मा ने बताया कि जवानों की सतर्कता ने एक जीवन बचा लिया है। घटना के बाद महिला के परिजनों को तत्काल सूचना दी गई। पुलिस स्टेशन पहुंचे ज्योति के पिता और अन्य परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी गई। काफी समझाने-बुझाने और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, ज्योति को उसके पिता की मौजूदगी में पति को सौंप दिया गया।
​रेलवे पुलिस ने इस घटना के बाद आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्टेशन या सार्वजनिक स्थान पर मानसिक तनाव में दिखे, तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।