गया। जिले में दहेज की लालच में एक 19 वर्षीय नवविवाहिता, गीता कुमारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। कोंच थाना क्षेत्र के मंझिगांव में हुई इस वारदात के बाद से ही आरोपी ससुराल वाले घर छोड़कर फरार हैं।
बाइक और 10 हजार के लिए ली जान
मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल पक्ष की ओर से एक ‘अपाचे’ बाइक और 10 हजार रुपये नकद की मांग शुरू कर दी गई थी। गीता के पिता, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, असमर्थता जता चुके थे। परिजनों के अनुसार, मांग पूरी न होने पर गीता की सास ने स्पष्ट धमकी दी थी कि तुम्हारी बेटी अब जिंदा नहीं रहेगी।
लाठी से गला दबाने का आरोप
गीता की मामी सुषमा देवी ने बताया कि गीता के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। उसके गले और ठुड्डी पर काले निशान थे, जिससे अंदेशा है कि गला घोंटने के लिए लाठी का इस्तेमाल किया गया। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने गांव वालों से लाश को ठिकाने लगाने में मदद भी मांगी थी, लेकिन ग्रामीणों के इनकार के बाद वे शव छोड़कर भाग निकले।
अधूरे अरमान और संघर्षपूर्ण जीवन
गीता का जीवन शुरुआत से ही संघर्षपूर्ण रहा था। जन्म के महज एक महीने बाद ही उसकी मां का साया सिर से उठ गया था। उसके मामा ने ही उसे पाल-पोसकर बड़ा किया और 30 अप्रैल को बड़े अरमानों के साथ अमित कुमार से उसकी शादी कराई थी। शादी में डेढ़ लाख नकद और अन्य सामान भी दिया गया था, लेकिन ससुराल वालों की भूख शांत नहीं हुई।
नशेड़ी पति और प्रताड़ना का सिलसिला
परिजनों ने बताया कि गीता का पति अमित बिहार से बाहर काम करता है और नशे का आदी है। वह नशे की हालत में गीता के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। हाल ही में उसने मंगलसूत्र खोने का बहाना बनाकर भी विवाद किया था, जिसे परिजनों ने साजिश का हिस्सा बताया है।
पुलिस की कार्रवाई और न्याय की मांग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मगध मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष सुदेव कुमार के मुताबिक, मृतका के पिता के आवेदन पर पति समेत ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बिलखते परिजनों ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

