Rajasthan News: देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा नीट (NEET) को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। क्या कोई ऐसा हो सकता है कि डॉक्टर बनने जैसी कठिन परीक्षा को कोई परिवार अपना पारिवारिक बिजनेस बना लेगा?

जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सीबीआई (CBI) की जांच में पता चला है कि यहां के एक ही परिवार ने पिछले साल 25 लाख रुपए में नीट का लीक पेपर खरीदा था। इस एक पेपर को रटकर घर के पांच भाई-बहन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पा गए। इस बार छठे भाई को भी डॉक्टर बनाने की तैयारी थी, लेकिन ऐन वक्त पर भांडा फूट गया।
सीकर की कोचिंग में शुरू हुआ खेल
इस पूरे खेल की कहानी जयपुर और सीकर के बीच बुनी गई। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी विकास बिंवाल और पेपर लीक करने वाले रैकेट के मास्टरमाइंड यश ने सीकर में एक साथ नीट की कोचिंग की थी। दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। नीट 2025 की परीक्षा से करीब एक महीने पहले यश ने विकास को पेपर लीक का ऑफर दिया। विकास ने जब यह बात अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश बिंवाल को बताई, तो पूरा कुनबा तुरंत राजी हो गया।
25 लाख का पारिवारिक पैकेज और 5 बच्चे बने डॉक्टर
यह सौदा पूरे 25 लाख रुपए में तय हुआ था। परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले यश ने विकास को असली पेपर लाकर थमा दिया। इसके बाद विकास, उसकी सगी बहन प्रगति और चचेरी बहनों- गुंजन, सानिया और पलक ने मिलकर पेपर को अच्छी तरह घोट लिया। नतीजा यह हुआ कि 14 मई 2025 को जब रिजल्ट आया, तो पांचों भाई-बहनों की शानदार रैंक आई और वे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहुंच गए।
कोचिंग टेस्ट में फिसड्डी, नीट में आ गए टॉपर नंबर
इन भाई-बहनों का पुराना रिकॉर्ड देखकर सीबीआई के अफसर भी हैरान हैं। एक छात्र के 12वीं में सिर्फ 55% नंबर थे और नीट 2024 में उसने महज 270 नंबर पाए थे। लेकिन 2025 में पेपर मिलते ही वह सीधे सरकारी कॉलेज पहुंच गया। एक बहन के सालभर कोचिंग के टेस्ट में औसतन 320 नंबर ही आते थे, लेकिन मुख्य परीक्षा में उसने सीधे 99.08 परसेंटाइल स्कोर कर लिया। दो अन्य बहनों की भी यही कहानी थी, जो कोचिंग में हमेशा पीछे रहती थीं लेकिन लीक पेपर के दम पर सीधे सरकारी सीट हथिया ली।
इस बार ग्रेस मार्क्स वाले छठे भाई की थी बारी
पिछले साल मिली बंपर कामयाबी से इस परिवार के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने इस बार यानी नीट 2026 के लिए चौथे भाई ऋषि बिंवाल का सौदा भी उसी गिरोह से कर लिया। ऋषि का पढ़ाई में रिकॉर्ड इतना खराब था कि वह 10वीं में 45% लाया था और 12वीं में ग्रेस मार्क्स से पास हुआ था। अगर इस बार यह घोटाला सामने नहीं आता, तो ग्रेस मार्क्स से पास होने वाला यह लड़का भी आज किसी बड़े मेडिकल कॉलेज में देश के मरीजों का इलाज करने की तैयारी कर रहा होता।
पड़ोस की छत के रास्ते घर में घुसी सीबीआई
इस महाघोटाले पर दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने कड़ा एक्शन लिया है। आरोपी शुभम खैरनार, पराग यादव, मांगीलाल, विकास और दिनेश को 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। जब सीबीआई की टीम जमवारामगढ़ में दिनेश बिंवाल के घर छापेमारी करने पहुंची, तो घरवालों ने दरवाजे अंदर से बंद कर लिए।
इसके बाद जांच टीम फिल्मी अंदाज में पड़ोस की छत के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुई। सीबीआई ने आरोपियों के फार्म हाउस पर खड़ी दो लग्जरी गाड़ियों के लॉक तुड़वाकर तलाशी ली, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज, पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
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