औरंगाबाद। नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी गुस्से की गूंज अब बिहार के औरंगाबाद में भी सुनाई दे रही है। गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की ‘विफल’ परीक्षा प्रणाली के विरोध में सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक सह जिला अध्यक्ष आनंद शंकर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पैदल मार्च और पुतला दहन
कांग्रेस कार्यकर्ता औरंगाबाद के अनुग्रह स्मारक के पास एकत्रित हुए। यहां से एक विशाल पैदल मार्च निकाला गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए रमेश चौक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं और वे ‘पेपर माफिया पर कार्रवाई करो’, ‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’ और ‘शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगा रहे थे। रमेश चौक पर पहुंचकर आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।
भाजपा नेताओं के संरक्षण में पल रहे माफिया
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह ने सीधे तौर पर सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक एक ‘परंपरा’ बन गई है। सिंह ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में पेपर माफिया फल-फूल रहे हैं। नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली ने 24 लाख छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की।
छात्रों के भविष्य पर मंडराता संकट
यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र पासवान ने कहा कि छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती है। उन्होंने पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।
इस प्रदर्शन में अरविंद शर्मा, धीरेंद्र सिंह, अजय सिंह और आशुतोष कुमार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

