NEET Paper Leak Rajasthan: नीट परीक्षा रद्द होने के बाद पूरे देश में गुस्सा है। छात्र सड़कों पर हैं और एनटीए (NTA) सवालों के घेरे में है। इसी बीच राजस्थान के झुंझुनूं पहुंचे यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर छात्रों और उनके माता-पिता से माफी मांगी है। मंत्री ने माना कि पेपर लीक से मेहनत करने वाले बच्चों का दिल टूटा है। अब सीबीआई (CBI) की जांच की आंच राजस्थान के कई शहरों तक पहुंच गई है।

सीकर और जयपुर के इन दो भाइयों ने रचा खेल!

जांच में पता चला है कि इस पूरे कांड के तार जयपुर ग्रामीण से जुड़े हैं। सीबीआई ने दिनेश बिवाल और मांगीलाल नाम के दो भाइयों को दबोचा है। सूत्रों की मानें तो इन दोनों ने ही सीकर के लड़कों तक पेपर पहुंचाया था। इसमें राकेश कुमार मंडावरिया का नाम भी सामने आया है, जो सीकर में आरके कंसल्टेंसी चलाता है। यहीं से गेस पेपर के नाम पर धांधली शुरू हुई और देखते ही देखते पूरे देश में आग की तरह फैल गई। सीकर के ही एक शख्स ने पोल खोली, तब जाकर यह बड़ा खुलासा हुआ।

झुंझुनूं दौरे पर आए मंत्री झाबरसिंह खर्रा काफी गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि पढ़ाई करने वाले बच्चों और उनके परिवारों को जो तकलीफ हुई है, उसके लिए सरकार और वह खुद व्यक्तिगत रूप से माफी मांगते हैं। उन्होंने वादा किया कि आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। सरकार अब परीक्षाओं को लेकर इतनी सख्त है कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। सीबीआई अब तक 5 लोगों को जेल भेज चुकी है और कई रसूखदार लोग हिरासत में हैं।

OBC आरक्षण और निकाय चुनाव पर दो टूक

निकाय चुनावों को लेकर चल रही खींचतान पर भी मंत्री ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने साफ कहा कि बिना ट्रिपल टेस्ट और आंकड़ों के ओबीसी आरक्षण देना मुमकिन नहीं है। यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। अगर विपक्ष चाहता है कि बिना आरक्षण के ही चुनाव हो जाएं, तो वे लिखित में दें। सरकार कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर कोई काम नहीं करेगी। फिलहाल गेंद अब हाईकोर्ट के पाले में है।

पढ़ें ये खबरें