पटना। ​आज रविवार को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET UG 2026, का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा को लेकर देशभर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम देखे जा रहे हैं। अकेले बिहार के 35 जिलों में बनाए गए 150 से अधिक केंद्रों पर लगभग 1.60 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जबकि पूरे देश और विदेश में कुल अभ्यर्थियों की संख्या करीब 23 लाख है‌।

​सख्त चेकिंग: गहने और एक्सेसरीज पर पाबंदी

​परीक्षा केंद्रों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नियमों का कड़ाई से पालन किया गया। मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों से ऐसी तस्वीरें आईं जहां सुरक्षाकर्मियों ने छात्राओं की नोज-पिन (नाक की कील) तक उतरवा दी। इसके अलावा, बालों के बैंड, कंगन, अंगूठी और अन्य आभूषणों को केंद्र के बाहर ही रखवा लिया गया। सुरक्षा के लिहाज से छात्राओं के बालों के जूड़े खुलवाकर भी गहन जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार की चिप या डिवाइस की संभावना को खत्म किया जा सके।

​मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ा, जूते-चप्पल पर रोक

​इस बार परीक्षा केंद्र में प्रवेश की प्रक्रिया काफी जटिल रही। छात्रों को मेटल डिटेक्टर की सघन जांच से गुजरना पड़ा। NTA ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन या कैलकुलेटर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। ड्रेस कोड का पालन कराते हुए कई केंद्रों पर छात्रों के जूते तक उतरवा लिए गए और उन्हें नंगे पैर या साधारण सैंडल में अंदर जाने की अनुमति दी गई। पानी की बोतलों पर लगे ब्रांड रैपर को भी हटा दिया गया ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

​पारदर्शी परीक्षा के लिए NTA के नए बदलाव

​दोपहर 2 बजे से शाम 5:20 बजे तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए भारत के 552 और विदेशों के 14 शहरों में केंद्र बनाए गए हैं। NTA ने नकल रोकने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। सेंटर्स के आसपास से अभिभावकों को हटा दिया गया है और जैमर के साथ-साथ डिजिटल निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इन सख्त कदमों से परीक्षा की शुचिता बनी रहेगी और योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा।