Nepal Blames China Over Flood: नेपाल में भीषण बाढ़ के पांच दिन हो गए हैं। जलजला समाप्त होने के बाद हर तरफ सिर्फ तबाही के निशान दिख रहे है। नेपाल-तिब्ब्त में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी की भीषण बाढ़ में अब तक 919 लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले नेपाल में 903 मौते हुई हैं, जबिक तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है। वहीं 7000 से अधिक लोग लापता है। अब बाढ़ को लेकर नेपाल ने चीन पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। नेपाल ने चीन पर ग्लेशियर की स्थिति की जानकारी सही समय पर नहीं देने का आरोप लगाया है।
दरअसल मई महीने में नेपाल की राजधानी काठमांडू में नेपाल और चीन के अधिकारियों के बीच प्राकृतिक आपदाओं के खतरों से निपटने के लिए एक बैठक हुई थी। इसके तीन महीने बाद, 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने की वजह से भीषण बाढ़ आ गई। अब दोनों देशों के बीच आपदा से जुड़ी जानकारियां शेयर करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नेपाल का कहना है कि उसने चीन से ग्लेशियरों की हलचल, नदियों के जलस्तर और भारी बारिश से जुड़े जरूरी डेटा मांगे थे, ताकि वह समय रहते तैयारी कर सके। जबकि चीन से उतनी जानकारी नहीं मिली जितनी की उम्मीद थी। चीन केवल भारी बारिश का पूर्वानुमान भेजता है, जबकि नेपाल को ग्लेशियर टूटने, भूस्खलन और जलस्तर की हर 10 मिनट की सटीक जानकारी चाहिए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। नेपाल अब चीन के साथ भी भारत जैसा समझौता करना चाहता है, जिसके तहत लगातार और समय-समय पर नदियां और मौसम से जुड़ा डेटा शेयर किया जाता है।
चीन ने नेपाल का दावा किया खारिज
वहीं ड्रैगन ने नेपाल के आरोपों को खारिज किया है। चीन ने कहा कि उसने जरूरी जानकारियां समय पर शेयर की थीं। चीन के दूतावास के अनुसार हिमालय का यह सीमावर्ती इलाका बहुत दुर्गम है, इसलिए वहां निगरानी करना एक बड़ी चुनौती है। चीन ने कहा कि हादसे से 12 दिन पहले ही उसके मौसम केंद्र ने नेपाल को ईमेल भेजकर भारी बारिश और भूस्खलन जैसी आपदाओं का अलर्ट भेज दिया था।

नेपाल में अज्ञात शवों को दफनाना शुरू, सैकड़ों कब्रें तैयार
नेपाल बाढ़ में अब तक 919 लोगों की मौत हो चुकी है। 7000 से ज्यादा लोग लापता हैं। हजारों परिवार अपनों की तलाश में जुटे हैं। इस बीच कई ऐसे शव भी मिले हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। ऐसे शवों के दफनाने के लिए सैकड़ों कब्रें तैयार की गई हैं। पिछले दो दिनों में 196 शव दफनाए जा चुके हैं। लंबे समय तक पानी में रहने से कई शव खराब हो गए हैं, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है।
9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
रेस्क्यू ऑपरेशन का ब्योरा देते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया गया है। इस काम के लिए 394 हवाई उड़ानें भरी गईं, जिसमें रविवार की 72 उड़ानें भी शामिल रहीं। राहत अभियान के तहत हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट वाले इलाकों से 279 लोगों को सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया। वहीं जमीन पर मोर्चा संभाले नेपाली सेना, पुलिस और सशस्त्र बल के 20,618 जवान दिन-रात रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं।

तिब्बत बॉर्डर पर बनी झील का पानी निकला, बाढ़ का खतरा टला
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बनी बैरियर झील का पानी प्राकृतिक बहाव से निकल गया है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, झील में जमा पानी लगभग पूरी तरह बाहर निकल चुका है। इससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में झील के फटने से अचानक बाढ़ आने का खतरा फिलहाल टल गया है। यह झील पिछले हफ्ते ग्लेशियर टूटने के बाद चोचेन खोला और चीन की पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। इसके पीछे करीब 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया था।
पीएम मोदी ने मेलोनी को Melody Toffee गिफ्ट दी, खुशी से झूम उठी इटली की प्रधानमंत्री
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


