भगवान गणेश की पूजा विशेष रूप से बुधवार के दिन की जाती है, क्योंकि यह दिन बुध ग्रह से संबंधित है। गणेश जी को इसका अधिष्ठाता देव माना जाता है । गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। जो भक्तों के जीवन से बाधाओं को दूर करते है ।
मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और गणेश चालीसा का पाठ करने से बुद्धि, विद्या और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। बुधवार को पूजा के लिए गणेश जी का ध्यान करें।
इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है, इसलिए हरे कपड़े पहनना या हरा रुमाल साथ रखना शुभ माना जाता है। जिनकी कुंडली में बुध कमजोर हो, उनके लिए यह और भी लाभकारी है। इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना भी पुण्य दायी होता हैं। गणेश जी के मस्तक पर सिंदूर का तिलक लगाने से कार्यों में सफलता और आर्थिक उन्नति मिलती है।
गणेश जी की पूजा में इस बातों का ध्यान रखें
पूजा के दौरान कुछ सावधानियां रखना आवश्यक है। अक्षत (चावल) अर्पित करते समय ध्यान रखें कि वे टूटे हुए न हों, क्योंकि पूर्णता का प्रतीक ही स्वीकार्य होता है । इस दिन प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए और सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
गणेश जी की पूजा में तुलसी अर्पित नहीं की जाती। पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी द्वारा विवाह प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने के कारण यह वर्जित माना गया है। इसके अलावा गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा दर्शन से बचना चाहिए, क्योंकि इसे अपमान या झूठे आरोप का कारण माना गया है।
भगवान गणेश को मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय हैं। इसलिए उनका भोग लगाना शुभ होता है । साथ ही दुर्वा अर्पित करने से मानसिक शांति और बुद्धि का विकास होता है ।
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