संजीव,सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्षेत्रीय दक्षता विकास केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वोल्वो आइशर प्रयोगशाला का अवलोकन किया और शोधार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को सिर्फ डिग्री देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें आधुनिक तकनीक, उद्योग की जरूरतों और बदलती कार्यप्रणाली के अनुसार तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं के कौशल, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगा।

प्रशिक्षण के साथ नवाचार पर रहेगा फोकस

केंद्र में प्रशिक्षण के साथ परीक्षण, निदान, नवाचार और उद्योग की जरूरत के मुताबिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे दीनबंधु सर छोटूराम की सोच का आधुनिक विस्तार बताया।

उन्होंने कहा कि सर छोटूराम ऐसे भारत का सपना देखते थे, जहां मेहनत करने वाले व्यक्ति को सम्मान मिले और गांव का युवा अवसरों से वंचित न रहे।

कृषि सोच और आधुनिक तकनीक का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी किसान का हल देश के भविष्य की दिशा तय करता था। आज युवा का कौशल, कंप्यूटर और उसके नए विचार विकसित हरियाणा और विकसित भारत की दिशा तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुरथल में कृषि दृष्टि और आधुनिक तकनीक का यह संगम प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।

उद्योग और विश्वविद्यालय के बीच बनेगा मजबूत सेतु

मुख्यमंत्री ने वीई वाणिज्यिक वाहन लिमिटेड-वोल्वो समूह और आइशर मोटर्स की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग और विश्वविद्यालय के बीच मजबूत सेतु तैयार हुआ है। इसका लाभ शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को मिलेगा।

शिक्षक नई तकनीक सीख सकेंगे, जबकि विद्यार्थी डिग्री के साथ समस्या समाधान की व्यावहारिक क्षमता भी विकसित करेंगे।

वोल्वो आइशर लैब में मिलेगा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण

वोल्वो आइशर प्रयोगशाला में विद्यार्थियों को आधुनिक वाणिज्यिक वाहन तकनीक का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि सीखने की ललक सबसे बड़ा औजार है।

उन्होंने कहा कि अगर युवाओं को अवसर, सही मार्गदर्शन और प्रयोग की सुविधा मिले, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवा भी असाधारण समाधान दे सकता है।

वाहन तकनीक में तेजी से हो रहे बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन उद्योग तेजी से बदल रहा है। स्वच्छ ईंधन, कम उत्सर्जन, इलेक्ट्रॉनिक निदान, जुड़े हुए वाहन, वैकल्पिक ऊर्जा, वाहन सुरक्षा और डिजिटल रखरखाव अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की जरूरत हैं।

उन्होंने कहा कि आज का मैकेनिक केवल मैकेनिक नहीं, बल्कि मैकेनिकल-इलेक्ट्रिकल तकनीशियन बन रहा है। अब खराबी का अनुमान लगाने के बजाय आंकड़ों के आधार पर उसका निदान किया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री ने कौशल विकास को बताया जरूरी

प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने कहा कि कौशल विकास केंद्र हरियाणा के युवाओं के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेगा। उन्होंने इसे उद्योग और शिक्षा के संगम का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण देना जरूरी है।

वैश्विक स्तर के कौशल प्रमाणपत्र पर जोर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र में विद्यार्थी वास्तविक प्रणालियों और तकनीकों पर व्यावहारिक ज्ञान हासिल करेंगे। साथ ही उन्हें वैश्विक स्तर का कौशल प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इससे देश और विदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को 2047 तक साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। हरियाणा के युवा कौशल, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से प्रदेश और देश को विकसित बनाने में योगदान देंगे।

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