राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार आम लोगों को और बड़ी सुविधा देने जा रही है। अब जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिजनों को अस्पतालों में लंबी लाइनों में खड़े होने या बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार पूरे प्रदेश में जन्म प्रमाण पत्र का नया डिजिटल मॉडल लागू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत जन्म प्रमाण पत्र सिर्फ 7 दिनों के अंदर वॉट्सएप के जरिए घर बैठे प्राप्त हो जाएगा।
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बता दें कि वर्तमान में यह सुविधा फ़िलहाल केवल भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चल रही है और वहां इसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब सरकार ने इसे पूरे मध्य प्रदेश में लागू करने का फैसला लिया है।
नई व्यवस्था के मुख्य फायदे
- जन्म प्रमाण पत्र बनाने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी।
- परिजनों को अस्पताल जाकर बार-बार फॉलो-अप करने या लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं रहेगी।
- जन्म के 7 दिन के अंदर प्रमाण पत्र वॉट्सएप पर ही उपलब्ध हो जाएगा।
- प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी होगी।
इस नई पहल से खासकर नवजात शिशु के माता-पिता को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी तक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में कई बार अस्पताल जाना पड़ता था और प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। नया मॉडल इस परेशानी को पूरी तरह खत्म कर देगा। सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया में एक और महत्वपूर्ण प्रयास है। नया मॉडल लागू होने के बाद पूरे प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया और अधिक सुगम हो जाएगी।

