दिल्ली में आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में राजधानी में एक नई फोरेंसिक साइंस लैब बनाने जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में शेख सराय में अत्याधुनिक क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL) के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है. इस परियोजना के लिए 151.81 करोड़ रुपये के बजट को भी स्वीकृति दी गई है.

दिल्ली में आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने के लिए शेख सराय में अत्याधुनिक क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) बनाई जाएगी.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से गृह विभाग और दिल्ली पुलिस को नए आपराधिक कानूनों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी. शेख सराय में बनने वाली नई क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला लगभग 6,300 वर्गमीटर के भूखंड पर बनाई जाएगी.

लोक निर्माण विभाग को दो वर्ष में इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है. इसका कुल निर्मित क्षेत्र 18,300 वर्गमीटर होगा. इसे एकीकृत फोरेंसिक सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा.

नई प्रयोगशाला से राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक सहायता को भी मजबूती मिलेगी. इसका विशेष लाभ दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के जिलों को मिलेगा.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई RFSL गृह विभाग और दिल्ली पुलिस को नए आपराधिक कानूनों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के कारण आपराधिक मामलों में फोरेंसिक जांच की मांग में काफी वृद्धि हुई है. ऐसे में यह नई सुविधा  जांच के दौरान वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

वहीं, गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नई प्रयोगशाला शुरू होने से मामलों से जुड़े साक्ष्यों की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज और सुगम होगी. इससे साक्ष्य आधारित जांच को मजबूती मिलेगी और आपराधिक मामलों के न्यायालयों में समय पर निपटारे में मदद मिलेगी.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m