PM Modi Xi Jinping Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच BRICS दिल्ली 2026 के दौरान करीब 50 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक हुई। गलवान टकराव के बाद दोनों नेताओं की यह पहली औपचारिक द्विपक्षीय मुलाकात रही। बैठक में भारत-चीन संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मोदी ने दिया ‘3 Mutual’ का फॉर्मूला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन संबंधों में भरोसा मजबूत करने के लिए पारस्परिक सम्मान (Mutual Respect), पारस्परिक संवेदनशीलता (Mutual Sensitivity) और पारस्परिक हित (Mutual Interest) को अहम बताया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि देशों के बीच मौजूद मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकना जरूरी है।
दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली बैठक के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का स्वागत किया और रिश्तों को दीर्घकालिक रणनीतिक नजरिए से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सीमा पर शांति को बताया रिश्तों की बुनियाद
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों को लगातार आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है। उन्होंने सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और आपसी सहमति का पालन करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
व्यापार असंतुलन और सप्लाई चेन पर चर्चा
बैठक में आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने व्यापार असंतुलन, सप्लाई चेन और बाजार तक पहुंच से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की जरूरत पर जोर दिया। भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रहा है।
BRICS और वैश्विक मुद्दों पर बढ़ेगा सहयोग
मोदी और जिनपिंग ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापार और लोगों के बीच आवाजाही बढ़ाने पर भी सहमति जताई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने और साझा चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने BRICS अध्यक्षता और BRICS समिट 2026 की सफलता में चीन के सहयोग की सराहना भी की।
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