संजय पाटीदार, भोपाल। भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने की बहुचर्चित परियोजना को राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानि NGT की नई दिल्ली पीठ से मंजूरी मिल गई है। हालांकि अधिकरण ने सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरण संरक्षण के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य करने को साफ कहा है।
READ MORE: मध्य प्रदेश में दौड़ेंगी 5,206 नई बसें: जुलाई से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना, लोगों का सफर होगा आसान
आपको बता दे कि यह मामला तब चर्चा में आया था जब बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से भोपाल में खूब विरोध हुआ था. और पर्यावरणविदों ने आपत्ति जताई थी। पर्यावरणविद और याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना का कहना था कि हजारों पुराने पेड़ हटने से भोपाल की हरियाली और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दलील दी कि शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक, जाम और सड़क हादसों को देखते हुए बायपास जरूरी है। प्राधिकरण ने यह भी कहा कि पेड़ों की कटाई की अनुमति नियमानुसार ली गई है और बदले में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।
READ MORE: MP BJP का बड़ा दांव: निगम-मंडल पदाधिकारियों के लिए नया नियम, नहीं मिलेगा मंत्री का दर्जा और प्रोटोकॉल
NGT ने परियोजना को मंजूरी देते हुए निर्देश दिए हैं कि प्रतिपूरक पौधारोपण की नियमित निगरानी की जाए। इसके लिए वन विभाग, नगर निगम, उद्यानिकी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त समिति बनाई जाएगी, जो अगले 15 साल तक लगाए गए पौधों की स्थिति पर नजर रखेगी। करीब 16 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर लगभग 836 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना के लिए 7,871 पेड़ों की कटाई होना है, जिनमें कई पेड़ 40 से 80 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इसको लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दावा है कि कटने वाले पेड़ों के बदले 81 हजार नए पौधे लगाए जाएंगे। फिलहाल पेड़ों की कटाई पर पहले लगाया गया अंतरिम स्थगन जारी रहने से पर्यावरण संरक्षण की मांग कर रहे लोगों को राहत मिली है।

