पहलगाम आतंकी हमले के मामले में भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को आरोपी बनाया गया है। अब जम्मू की NIA अदालत की ओर से उसे ट्रायल में पेश होने के लिए पाकिस्तान में सम्मन भेजने की तैयारी है।

हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

हाफिज सईद के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। अदालत का सम्मन विदेश मंत्रालय के माध्यम से पाकिस्तान भेजे जाने की संभावना है। अगर आरोपी अदालत में पेश नहीं होता है, तो BNSS-2023 की धारा 365 के तहत उसकी गैर-मौजूदगी में ट्रायल आगे बढ़ाया जा सकता है। इसे ट्रायल ऑफ एबसेंटिया कहा जाता है।

पहलगाम के बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई और कूटनीतिक दबाव दोनों तेज किए हैं।

पाकिस्तान को सताया पानी रोकने का डर

इसी बीच पाकिस्तान के प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल के बयान से भारत-पाकिस्तान के बीच पानी का मुद्दा फिर सुर्खियों में है। उन्होंने आशंका जताई कि भारत अपनी भौगोलिक स्थिति का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के खिलाफ पानी को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।

भारत ने पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को एबेयंस में रखने का फैसला किया था। नई दिल्ली का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। वहीं, पाकिस्तान भारत के फैसले को एकतरफा और गैरकानूनी बताता रहा है। इस घटनाक्रम से साफ है कि पहलगाम हमला, हाफिज सईद पर कानूनी कार्रवाई और सिंधु जल संधि भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव के तीन अहम मुद्दे बने हुए हैं।

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