कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया और प्रभावशाली चेहरा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार अब सक्रिय रूप से पार्टी की मजबूती के लिए मैदान में उतर चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से निशांत लगातार पार्टी कार्यालय पहुंच रहे हैं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। उनके इस बदले हुए तेवर ने सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है।
पार्टी कार्यालय में बैठकों का दौर
निशांत कुमार प्रतिदिन पार्टी मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ गहन विचार-विमर्श कर रहे हैं। आज भी उन्होंने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसका मुख्य एजेंडा संगठन को पंचायत स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाना था। बैठक के दौरान उन्होंने नेताओं से फीडबैक लिया और चुनावी रणनीति के मद्देनजर संगठन की कमियों को दूर करने पर जोर दिया।
पिताजी का काम रुकेगा नहीं – निशांत का संकल्प
बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए निशांत कुमार ने बिहार की जनता को एक बड़ा भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, मैं बिहार की जनता को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि पिताजी (नीतीश कुमार) ने राज्य के विकास के लिए जो खाका खींचा है और जो कार्य शुरू किए हैं, वे कहीं भी नहीं रुकेंगे। विकास की यह गति और भी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी। उनके इस बयान को नीतीश कुमार की विकासवादी विरासत को आगे बढ़ाने के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार भ्रमण की तैयारी: जनता के बीच जाएंगे निशांत
निशांत कुमार ने केवल कार्यालय तक सीमित न रहने का संकेत देते हुए घोषणा की कि वे जल्द ही बिहार का दौरा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सीधे जनता के बीच जाएंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और सरकार की उपलब्धियों को उन तक पहुंचाएंगे। दौरे की विस्तृत रूपरेखा और तारीखों की जानकारी वे बहुत जल्द साझा करेंगे। निशांत की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि वे भविष्य में संगठन के भीतर एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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