कुरुक्षेत्र एनआईटी में लगातार हो रही आत्महत्याओं के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया है। सचिव डॉ. विनीत जोशी ने संस्थान का दौरा कर छात्रों और प्रशासन के साथ समाधान के लिए बैठक की।
नवोदित, कुरुक्षेत्र। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में पिछले दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, वरिष्ठ आईएएस डॉ. विनीत जोशी ने आज एनआईटी कुरुक्षेत्र का विशेष दौरा किया। उन्होंने संस्थान के अधिकारियों, जिला प्रशासन और पुलिस के साथ उच्च स्तरीय बैठक की ताकि इन घटनाओं के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
जांच और सुझावों का दौर: जमीनी हकीकत टटोलने पहुंचे सचिव
मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय सचिव डॉ. विनीत जोशी ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से छात्रों और शिक्षकों से संवाद किया ताकि उनकी समस्याओं और शिकायतों को समझा जा सके। सचिव ने संस्थान के हॉस्टल्स का भी निरीक्षण किया और स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए गए सुझावों पर चर्चा की। डॉ. जोशी ने कहा कि शिक्षकों और छात्रों के अपने-अपने मुद्दे हैं, जिन्हें हल करना प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बच्चों के लिए संस्थान में एक सकारात्मक और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण (ओवरऑल अच्छा एनवायरमेंट) तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
घटनाओं का खौफनाक सिलसिला और भविष्य की रणनीति
एनआईटी कुरुक्षेत्र में आत्महत्या का सिलसिला 16 फरवरी को तेलंगाना के अंगोद शिवा से शुरू हुआ, जिसके बाद 31 मार्च को नूंह के पवन कुमार, 9 अप्रैल को फतेहाबाद के प्रियांशु वर्मा और 16 अप्रैल को बिहार की दीक्षा दूबे ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इसके अतिरिक्त 17 अप्रैल को एक अन्य छात्रा ने भी आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसने सुसाइड नोट में अपनी हताशा व्यक्त की थी। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है। केंद्रीय सचिव ने बताया कि सभी पक्षों से प्राप्त सुझावों पर अंतिम चर्चा के बाद मंत्रालय कड़े कदम उठाएगा ताकि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

