भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा जारी आकांक्षी खंडों की रैंकिंग में हरियाणा के नूंह खंड ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं रेवाड़ी जिले का नाहड़ खंड उत्तर भारत जोन में दूसरे और देश भर में 12वें स्थान पर रहा है।
धनेश, रेवाड़ी। भारत सरकार के नीति आयोग ने देश के आकांक्षी खंडों की ताजा रैंकिंग जारी कर दी है। इस बार कुल 39 महत्वपूर्ण मापदंडों के आधार पर आकांक्षी खंडों में उपलब्ध सुविधाओं का गहराई से मूल्यांकन किया गया है। इस पैमाने के अनुसार मापते हुए नीति आयोग ने जिला नूंह मेवात के नूंह खंड को प्रथम घोषित किया है, जबकि जिला रेवाड़ी के खंड नाहड़ को द्वितीय स्थान मिला है। इस बेहतरीन रैंकिंग के आने से हरियाणा के इन दोनों ही क्षेत्रों में प्रशासनिक स्तर और स्थानीय जनता के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।
39 पैरामीटर्स पर जुटाए गए धरातली आंकड़े
इन दोनों आकांक्षी क्षेत्रों में जीवन स्तर और विकास के सही मायनों को बारीकी से समझने के लिए भारत सरकार के नीति आयोग ने 39 प्रश्नों के आधार पर खंड स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं की प्रामाणिक जानकारी जुटाई। जिला रेवाड़ी के उपमंडल कोसली के अंतर्गत आने वाला आकांक्षी खंड नाहड़ इस बार भारत सरकार के नीति आयोग की इस विशेष रिपोर्ट में उत्तर भारत जोन के सभी आकांक्षी खंडों में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि संपूर्ण भारत के सभी आकांक्षी खंडों की सूची में इसे 12वां महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हुआ है।
इन खास सुविधाओं के आधार पर हुआ मूल्यांकन
कोसली के एसडीएम विजय कुमार यादव ने नाहड़ खंड के सभी निवासियों और प्रशासनिक टीम को इस बड़ी उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है। बता दें कि केंद्र सरकार के नीति आयोग ने देश भर में कुल 484 और उत्तर भारत में 84 खंडों को आकांक्षी खंड घोषित किया हुआ है। इन पिछड़े खंडों को तीव्र विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए नीति आयोग ने कुल 39 पैरामीटर निर्धारित किए हुए हैं। इसके तहत स्वास्थ्य सेवाएं, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा सुविधाएं और लड़कियों व छोटे बच्चों की सेहत की स्थिति परखी जाती है।
कृषि और बुनियादी ढांचे में बेहतरीन सुधार
इसके अलावा इस रैंकिंग में कृषि क्षेत्र में स्थानीय किसानों को मिल रही सुविधाएं, उन्नत कृषि के लिए जरूरी प्रशिक्षण, गांवों में पेयजल की उपलब्धता व गुणवत्ता की स्थिति, परिवहन व्यवस्था, बिजली, आवास व्यवस्था तथा स्वच्छता आदि का कड़ा मूल्यांकन करने के बाद यह अंतिम आंकलन घोषित किया गया है। जल एवं वन संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी नूंह और नाहड़ खंड में काफी सराहनीय काम दर्ज किया गया है। इस उपलब्धि के बाद अब इन खंडों में विकास कार्यों को और अधिक रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

