कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार के मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता नीतीश मिश्रा ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया है कि जब दिल्ली में छात्र आंदोलन हुआ था, तब राहुल गांधी खुद वहां पहुंचे थे, लेकिन झारखंड के मामले में पूरा विपक्ष और कांग्रेस पार्टी पूरी तरह चुप क्यों है? नीतीश मिश्रा के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
दिल्ली और झारखंड के छात्रों के मुद्दों में कोई फर्क नहीं: नीतीश मिश्रा
प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया से बातचीत के दौरान नीतीश मिश्रा ने दोहरे मानदंडों का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ जो हो रहा है, वह बिल्कुल सही दिशा में नहीं है और इस पर गंभीर विचार की आवश्यकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब दिल्ली में छात्र सड़कों पर उतरे थे, तब विपक्षी नेताओं ने बढ़-चढ़कर समर्थन किया था और वहां तक बिरयानी मंगाई जा रही थी।
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड के छात्र भी वही मांगें कर रहे हैं जो दिल्ली के छात्रों की थीं, इसलिए दोनों मामलों में विपक्ष का रवैया अलग-अलग क्यों होना चाहिए? झारखंड के छात्रों की सुध न लेना विपक्ष की दोहरी राजनीति को उजागर करता है।
विपक्ष पर भागने और बार-बार बयान बदलने का आरोप
संसद के हालिया हालातों और केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू के बयानों का हवाला देते हुए नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा और बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष के लोग सदन में व्यवधान डालकर केवल राजनीति करना चाहते हैं, वे सार्थक चर्चा से भाग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की आदत बन चुकी है कि वे लगातार अपने बयान बदलते रहते हैं। अपनी राजनीतिक सुविधानुसार मुद्दों को मोड़ना और हर 15 दिनों में नए विषयों पर बयान बदलना विपक्ष की गैर-जिम्मेदाराना प्रवृत्ति को दर्शाता है।
युवाओं के मन में उठ रहे हैं गंभीर सवाल
नीतीश मिश्रा ने अंत में कहा कि आज देश और राज्य के युवाओं के मन में यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि दिल्ली के छात्र मामले राजनीतिक लाभ के लिए महत्वपूर्ण थे, लेकिन झारखंड के छात्रों की समस्याओं पर यह चुप्पी क्यों साधी गई है? विपक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि वे छात्रों के हितों के नाम पर दोतरफा नीति क्यों अपना रहे हैं।


