कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों वित्तीय संकट और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर पारा लगातार चढ़ा हुआ है। एक बार फिर राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य के खजाने के खाली होने का दावा करते हुए कहा है कि सरकार के पास न तो ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए पैसे हैं और न ही सरकारी विभागों के कर्मचारियों को वेतन देने के लिए फंड बचा है।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, लगाया लूट का आरोप
तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि उन्होंने इस गंभीर वित्तीय स्थिति को लेकर सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के खजाने को दोनों हाथों से लूटा गया है, जिसके कारण आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उनके मुताबिक, सरकारी तंत्र में कुप्रबंधन और अंधेरगर्दी का माहौल है।
भ्रष्टाचार का बोलबाला, बिना घूस के नहीं होता कोई काम
राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दों पर आक्रामक तेवर अपनाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि आज हर तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि बिना रिश्वत (घूस) दिए कोई भी काम संभव नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि मौजूदा समय में राज्य में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं बची है और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
एनडीए नेताओं के तंज पर तेजस्वी का पलटवार
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव के इन बयानों पर एनडीए (NDA) के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा था कि तेजस्वी यादव को तो समय पर वेतन मिल ही रहा होगा। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में स्थिति इतनी भयावह है कि आम कर्मचारियों को तो दूर, विधायकों (MLAs) और मंत्रियों तक को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उनका खुद का वेतन भी पांच महीनों तक रुका रहा था और उन्हें भुगतान नहीं मिला था।


