राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं के चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिया बयान. चुनाव आयोग का कहना है कि विपक्ष ने उनसे मिलने के लिए कोई अपील नहीं की. आयोग ने बताया कि बैठक के लिए एक तय प्रक्रिया है, जिसमें समय मांगना और मकसद बताना जरूरी है. आयोग ने साफ किया है कि उसे किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने आगे बताया कि बैठक तय प्रोटोकॉल के अनुरूप होना चाहिए.
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मंगलवार शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने बैठक के लिए समय नहीं मांगा था.
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेता मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. उनका कहना था कि वे चुनाव आयोग से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं और जब तक आयोग की ओर से मुलाकात के लिए बुलावा नहीं आता, तब तक धरना जारी रखेंगे.
अब चुनाव आयोग ने दावा किया है कि विपक्ष ने उनसे मुलाकात के लिए कोई अपील नहीं की थी. आयोग ने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों से मिलने और उनके साथ चर्चा करने के लिए तैयार है. आयोग के मुताबिक, राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए वर्ष 2025 में एक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल बनाया गया था.
आयोग ने बताया कि मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस के माध्यम से उसे सूचना मिली थी कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है. आयोग इस अनुरोध पर विचार कर रहा था.
आयोग ने आगे बताया कि बाद में पुलिस ने कहा कि राहुल गांधी INDIA गठबंधन के करीब 240 सांसदों के साथ कहीं और बैठक करना चाहते हैं, जो कि प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं थी. आयोग ने इस अनुरोध को नियमों के खिलाफ और असामान्य मानते हुए स्वीकार नहीं किया.
ECI का कहना है कि इस तरह के अनुरोध संसद भवन की ओर से आने चाहिए थे. चुनाव आयोग ने बताया कि उसकी ओर से प्रस्ताव दिया गया था कि सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए आयोग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजा जा सकता है. लेकिन, प्रदर्शनकारी सांसदों ने इस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया.
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