सुमन चौहान, करनाल: आम नागरिकों में बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा और पेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शुक्रवार को करनाल के सेक्टर-5 स्थित हेरिटेज लॉन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) संचय आउटरीच नाम के इस सफल कार्यक्रम को पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA), एसएलबीसी हरियाणा, नाबार्ड और विभिन्न बैंकिंग संस्थानों ने मिलकर आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय सुरक्षा के फायदों से रूबरू कराना था।

एनपीएस सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी: एडीसी

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे करनाल के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) डॉ. राहुल रइया ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की महत्ता पर विशेष जोर दिया। एडीसी ने कहा, “राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली देश के नागरिकों को नौकरी या काम से रिटायर होने के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने का एक सबसे बेहतरीन और प्रभावी माध्यम है।” उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी लोगों से अपील की कि वे खुद भी एनपीएस योजना का लाभ उठाएं और अपने आसपास के अधिक से अधिक लोगों को इसके प्रति जागरूक करें ताकि बुढ़ापे में किसी को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।

150 से अधिक हितधारकों ने लिया हिस्सा, मिली विशेष ट्रेनिंग

इस जागरूकता शिविर में लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें क्षेत्र के विभिन्न सरकारी व निजी बैंकों के प्रतिनिधि, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के वीएलई, किसान उत्पादक संगठन (FPO) के संचालक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और ग्रामीण उद्यमी मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पीएफआरडीए और एसएलबीसी हरियाणा के आए विशेषज्ञों ने एनपीएस के अलग-अलग पहलुओं पर बारीकी से जानकारी दी। इसके साथ ही सीएससी और एफपीओ प्रतिनिधियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई कि वे कैसे ग्रामीण इलाकों में इस योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार कर सकते हैं और नए लोगों का नामांकन आसानी से करवा सकते हैं।

विशेषज्ञों ने बताए टैक्स और निवेश के फायदे

मंच से बोलते हुए विशेषज्ञ वक्ताओं ने बताया कि एनपीएस पूरी तरह से एक सुरक्षित, पारदर्शी और बेहद किफायती पेंशन व्यवस्था है, जो लंबी अवधि के निवेश में नागरिकों के लिए मददगार साबित हो रही है। शिविर में आए लोगों को योजना के तहत मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स (कर लाभ), पात्रता के नियम और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने पेंशन योजनाओं से जुड़े अपने मन के कई सवाल और शंकाएं विशेषज्ञों के सामने रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों, बैंकों और ग्रामीण प्रतिनिधियों का आभार जताया।