हरियाणा के भिवानी में एनएसयूआई ने छात्रों की गूंज अभियान के तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जोरदार संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान छात्र नेताओं ने पेपर लीक, महंगी शिक्षा और बेरोजगारी को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखे हमले बोले।

अजय सैनी भिवानी। देश और प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने और बढ़ती बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। इसी आक्रोश को स्वर देने के लिए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के निर्देशानुसार तथा हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष अविनाश यादव के नेतृत्व में पूरे देश में छात्रों की गूंज अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को भिवानी में एनएसयूआई द्वारा जिला अध्यक्ष मंजीत लांगायन के नेतृत्व में विभिन्न महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में एक व्यापक जनसंपर्क और तीखा संवाद अभियान चलाया गया, जिसमें छात्रों का गुस्सा साफ देखने को मिला और इस दौरान NSUI protest in Bhiwani के माध्यम से छात्र हितों की आवाज को मजबूती से बुलंद किया गया।

युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था पर जताया रोष

इस अभियान में मुख्य रूप से उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व छात्र नेता उमेश भारद्वाज और जिला अध्यक्ष मंजीत लांगायन ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। छात्रों ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, लटकी हुई सरकारी भर्तियों और विश्वविद्यालयों की अव्यवस्थाओं को लेकर गहरा रोष प्रकट किया। संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं का दर्द और आक्रोश खुलकर सामने आया। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बार-बार पेपर लीक होना और भर्ती परीक्षाओं का रद्द होना अब एक आम बात बन चुकी है। भर्ती प्रक्रियाओं में सालों-साल की अनावश्यक देरी के कारण युवाओं की उम्र निकल रही है। इसके अलावा लगातार महंगी होती शिक्षा, छात्रवृत्ति वितरण में महीनों का विलंब और विश्वविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने छात्रों का जीना मुहाल कर रखा है।

रोजगार की गारंटी चाहता है युवा वर्ग

सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष मंजीत लांगायन ने कहा कि आज देश का छात्र और युवा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। वह केवल कागजी डिग्री लेकर बेरोजगार घूमने के लिए मजबूर है। अब छात्र सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य, निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सम्मानजनक रोजगार की गारंटी चाहता है। छात्रों की गूंज अभियान कोई सामान्य कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों पीड़ित और आक्रोशित विद्यार्थियों के हक की लड़ाई है। एनएसयूआई हर स्तर पर छात्रों की आवाज को दबाने वाली ताकतों के खिलाफ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना उग्र संघर्ष जारी रखेगी।

पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग

पूर्व छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उमेश भारद्वाज ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का पैमाना वहां की मजबूत शिक्षा व्यवस्था और युवाओं का सुरक्षित भविष्य होता है। लेकिन आज का कड़वा सच यह है कि देश का युवा खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित और लाचार महसूस कर रहा है। अगर युवाओं का भविष्य ही अंधकार में रहेगा, तो राष्ट्र की प्रगति की बात करना बेमानी है। सरकार को अपनी कुंभकर्णी नींद से जागना होगा और शिक्षा में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाना होगा। एनएसयूआई ने मांग की कि देशभर में पेपर लीक करने वाले गिरोहों और परीक्षा माफिया पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो और पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।