भारतीय युवा कांग्रेस के सत्याग्रह के दौरान हुई गिरफ्तारियों के विरोध में एनएसयूआई छात्र नेताओं ने सरकार के खिलाफ कड़ा रोष जताया है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दमनकारी नीतियां बंद नहीं हुईं तो आंदोलन देशव्यापी होगा।
अजय सैनी, भिवानी। देश की राजधानी दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यालय के बाहर जारी सत्याग्रह और उसके बाद हुई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानू चिब सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में अब भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) भी मैदान में उतर आया है। एनएसयूआई के प्रमुख छात्र नेता प्रवीण बूरा और सुमित बराड़ ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे केंद्र सरकार की तानाशाही बताया है। छात्र नेताओं का कहना है कि पुलिस बल का प्रयोग कर युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।
पुलिस छावनी बना यूथ कांग्रेस कार्यालय
छात्र नेता प्रवीण बूरा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस प्रकार युवा कांग्रेस कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील किया गया है, उससे स्पष्ट है कि सरकार युवाओं की एकजुटता से घबरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में बेरोजगारी और महंगाई जैसे बुनियादी सवाल पूछने पर जेल भेजा जा रहा है। राहुल गांधी के खिलाफ हो रही राजनीतिक कार्रवाई और युवा नेताओं की गिरफ्तारी को उन्होंने लोकतंत्र के ताबूत में आखिरी कील करार दिया। इसी क्रम में सुमित बराड़ ने दिल्ली पुलिस की घेराबंदी को अनुचित बताते हुए कहा कि सरकार यह न भूले कि युवा ही सत्ता परिवर्तन की ताकत रखते हैं। जब युवा कांग्रेस किसानों, महिलाओं और युवाओं के हक की लड़ाई लड़ रही है, तब उन पर लाठियां और जेल का डर दिखाना अन्यायपूर्ण है।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने अब साझा संकल्प लिया है कि जब तक जनविरोधी नीतियां वापस नहीं ली जातीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया और एजेंसियों का दुरुपयोग बंद नहीं हुआ, तो यह विरोध प्रदर्शन केवल दिल्ली के रायसीना रोड तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में इस आंदोलन की गूंज देश के तमाम विश्वविद्यालयों और कॉलेजों तक पहुंचेगी। एनएसयूआई ने साफ कर दिया है कि वे उदयभानू चिब और हर उस कार्यकर्ता के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं, जो न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।

