नूंह के बिछोर गांव में मोबाइल वापसी के मामूली विवाद पर दबंगों ने दुकानदार के घर में घुसकर हमला किया और लूटपाट की। लगातार हो रही वारदातों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

सोनू वर्मा, नूंह। जिले के बिछोर गांव में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। ताजा घटना 26 अप्रैल की है, जहाँ एक मोबाइल दुकानदार पर न केवल जानलेवा हमला किया गया, बल्कि उसकी दुकान से लूटपाट भी की गई। पीड़ित अतुल, जो अपने घर से ही मोबाइल की दुकान चलाता है, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मोबाइल बदलने के मामूली विवाद ने इतना हिंसक मोड़ ले लिया कि आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की। हमले में अतुल के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और बीच-बचाव करने आई उसकी मां के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गई।

धारदार हथियारों से हमला और लूटपाट

घटना के विवरण के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक ग्राहक मोबाइल बदलने की मांग करने लगा। हालांकि अतुल ने पैसे लौटाकर मामला शांत करना चाहा, लेकिन शाम करीब 5 बजे रोबिन, बोयल, वक्की और अनीस सहित 7-8 लोग हथियारों के साथ उसकी दुकान पर आ धमके। आरोपियों ने बिना किसी बातचीत के हमला शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावर दुकान से चार मोबाइल फोन और लगभग 15 से 20 हजार रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो अब जांच का मुख्य आधार है।

पुलिस की सुस्त कार्रवाई और ग्रामीणों में आक्रोश

बिछोर गांव में दो दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी एक रंजिश के चलते एक परिवार पर हमला हुआ था, जिसके घायल सदस्य अभी भी नलहड़ मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन हैं। वर्तमान मामले में जांच अधिकारी योगेश ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन अभी तक कोई भी पक्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और डर का माहौल बना हुआ है।