फरीदाबाद निवासी आरती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिसके बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। मृतका अपने पीछे 7 महीने का बच्चा छोड़ गई है।

सोनू वर्मा, नूंह। जिले में दहेज प्रताड़ना का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता आरती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता बलवीर (निवासी गांव भोंड) ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही ₹2 लाख नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग को लेकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरती की शादी करीब सात-आठ साल पहले फरीदाबाद के सेक्टर-18, खेड़ी पुल निवासी रिंकू के साथ हुई थी। परिजनों का दावा है कि यह केवल मौत नहीं बल्कि दहेज के लालच में की गई हत्या है, जिसके लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।

गर्भावस्था में भी क्रूरता: इलाज के दौरान तोड़ा दम

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, आरती को गर्भावस्था के दौरान भी प्रताड़ना से राहत नहीं मिली। आरोप है कि डिलीवरी के समय उसे उसकी ननद के घर ले जाया गया, जहाँ उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर हालत में उसे पहले फिरोजपुर झिरका के अस्पताल में और फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान 24 अप्रैल 2026 को उसने दम तोड़ दिया। इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि आरती की मृत्यु के बाद उसका 7 महीने का मासूम बच्चा मां की ममता से वंचित हो गया है।

पुलिस की कार्रवाई

पीड़ित पिता बलवीर ने बताया कि उन्होंने पहले भी ससुराल पक्ष की प्रताड़ना के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, लेकिन दहेज लोभियों के हौसले पस्त नहीं हुए। फिलहाल, पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पूर्व में दर्ज शिकायतों पर क्या कदम उठाए गए थे।