नूंह में शक्ति वाहिनी टीम ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कर हरियाली का संदेश दिया और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ महिलाओं को जागरूक किया।
सोनू वर्मा, नूंह। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एम डीडीऑफ इंडिया’ शक्ति वाहिनी नूंह टीम ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए एक विशेष अभियान का सफल आयोजन किया। टीम के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर क्षेत्र को हरा-भरा बनाने का संदेश दिया। इस दौरान पर्यावरण को जीवन के लिए अनिवार्य बताते हुए आम नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की गई। टीम ने जोर दिया कि पर्यावरण की रक्षा केवल एक दिन का काम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है, ताकि भावी पीढ़ियों को एक स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।
हरियाली संग बाल विवाह पर प्रहार
पौधारोपण के साथ-साथ इस अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु महिलाओं को बाल विवाह जैसी कुरीतियों के प्रति जागरूक करना रहा। टीम के सदस्यों ने महिलाओं को विस्तार से समझाया कि कम उम्र में विवाह होने से लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ता है। बाल विवाह न केवल उनके शारीरिक विकास में बाधा डालता है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है। महिलाओं से आग्रह किया गया कि वे अपने समाज में बाल विवाह की प्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए आगे आएं और कानून का पालन सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि बेटियों को उनका अधिकार मिल सके।
सामूहिक प्रयासों से समाज में बदलाव
शक्ति वाहिनी नूंह टीम का मानना है कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन केवल तभी संभव है, जब हम पर्यावरण और सामाजिक कुरीतियों जैसे गंभीर मुद्दों पर सामूहिक रूप से प्रयास करें। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने भी बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने और अपने आस-पड़ोस में लोगों को जागरूक करने का दृढ़ संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अनूठे अभियान ने “एक पेड़–एक जीवन” और “बाल विवाह मुक्त समाज” का संदेश दिया, जिसने लोगों को प्रकृति को बचाने और बेटियों के भविष्य के लिए मिलकर काम करने हेतु प्रेरित किया। यह अभियान एक बेहतर और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ है।

