नूंह के घासेड़ा गांव में दो युवकों द्वारा महात्मा गांधी की प्रतिमा पर चढ़कर रील बनाने का मामला सामने आया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
नूंह। जिले के गांधी ग्राम के नाम से प्रसिद्ध घासेड़ा गांव से एक बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक मामला सामने आया है। गांव के गांधी पार्क में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर चढ़कर दो युवकों द्वारा रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो और तस्वीरों में दोनों युवक गांधी जी की प्रतिमा के कंधों पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं तथा कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो हाल ही का है, जिसमें सार्वजनिक स्थल पर स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और गांधीवादी विचारधारा से जुड़े लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी देश की अस्मिता और सम्मान के प्रतीक हैं, ऐसे में उनकी प्रतिमा पर चढ़कर मनोरंजन के लिए रील बनाना न केवल असंवेदनशीलता है बल्कि राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य भी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने संबंधित युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। कई लोगों ने इसे राष्ट्रपिता का खुला अपमान बताते हुए प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सार्वजनिक स्मारकों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के प्रति सम्मान का भाव क्यों लगातार कम होता जा रहा है।
घासेड़ा गांव को गांधी ग्राम के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। ऐसे गांव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ इस तरह की हरकत सामने आने से ग्रामीणों में भी गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की पहचान गांधी जी के नाम और उनके आदर्शों से जुड़ी हुई है, इसलिए इस प्रकार की घटना पूरे गांव की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है।
फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वहीं स्थानीय लोग और विभिन्न सामाजिक संगठन दोषी युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति महापुरुषों की प्रतिमाओं और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

