नूंह के भिरावटी और रिठौरा में 18 एकड़ में बनी तीन अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है। प्रशासन ने लोगों को बिना अनुमति वाली कॉलोनियों में निवेश न करने की सलाह दी है।

सोनू वर्मा, नूंह। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने सोमवार को नूंह नियंत्रित क्षेत्र के अंतर्गत गांव भिरावटी और रिठौरा में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इस कार्रवाई में लगभग 18 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही तीन बड़ी अनधिकृत कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि सरकार ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी तरह बुलडोजर चलेगा।

भिरावटी में अवैध निर्माण पर प्रहार

अधिकारियों के अनुसार, गांव भिरावटी में लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर पहली कार्रवाई की गई। टीम ने वहां छत स्तर तक निर्मित 6 संरचनाओं, 10 बाउंड्री वॉल, 2 डीपीसी और सड़क नेटवर्क को जेसीबी मशीनों से जमींदोज कर दिया। इसी राजस्व क्षेत्र में 10 एकड़ में फैली दूसरी अनधिकृत कॉलोनी पर भी प्रशासन का बुलडोजर चला, जहां निर्माणाधीन ढांचे और बाउंड्री वॉल के अलावा सड़क नेटवर्क को भी हटा दिया गया। इन कॉलोनियों को बिना आवश्यक अनुमति और विभाग की स्वीकृति के विकसित किया जा रहा था। प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई अवैध निर्माण के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का सीधा परिणाम है।

रिठौरा में ध्वस्तीकरण और सख्त चेतावनी

गांव रिठौरा में भी 3 एकड़ क्षेत्र में विकसित एक अन्य अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई में वहां बना डील्स रूम, लगाए गए बिजली के खंभे और सड़क नेटवर्क को हटाकर जमीन को साफ किया गया। डीटीपी विनेश कुमार ने स्पष्ट किया कि नियंत्रित क्षेत्र में बिना वैधानिक अनुमति के कोई भी निर्माण करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश से पहले उनकी वैधता जरूर जांच लें। प्रशासन ने कहा है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और भविष्य में अनधिकृत कॉलोनियां विकसित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।